मध्य प्रदेश में ‘वोट चोरी’ के गंभीर मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग के खिलाफ अपने आंदोलन को और अधिक तेज करने की पूरी तैयारी कर ली है. आगामी दशहरे के पावन पर्व पर कांग्रेस पारंपरिक रूप से रावण दहन करने के बजाय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करेगी, जिसके बाद से प्रदेश की सियासत में जबरदस्त उबाल आ गया है. बीजेपी ने इस अनोखे और विवादित फैसले पर कड़ा पलटवार करते हुए कांग्रेस (Madhya Pradesh Politics) पार्टी को सीधे तौर पर ‘सनातन विरोधी’ करार दिया है.
Madhya Pradesh Politics – कांग्रेस पार्टी ने आगामी 26 नवंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाले एक बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम के मद्देनजर मध्य प्रदेश के सभी जिलाध्यक्षों को कड़े लक्ष्य सौंपे हैं. इसके तहत आगामी 25 नवंबर को लगभग एक लाख की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम जनता ग्वालियर में एकजुट होगी, और वहाँ से एक साथ दिल्ली के लिए रवाना होने की विशाल तैयारी की जा रही है. पार्टी का मुख्य फोकस इस समय ‘वोट चोरी’ के इस संवेदनशील मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर जोर-शोर से उठाने और अपने जमीनी कार्यकर्ताओं को पूरी तरह लामबंद करने पर टिका हुआ है.
बीजेपी का तीखा पलटवार
दशहरे के दिन रावण की बजाय मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकने की कांग्रेस की इस घोषणा के बाद बीजेपी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए तीखा हमला बोला है. प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी ने कांग्रेस पर कड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी हमेशा से सनातन संस्कृति और परंपराओं के विरोध में काम करती आई है. केसवानी ने कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पहले पार्टी को यह जवाब देना चाहिए कि तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में आखिर किसकी सरकारें चल रही हैं.


