सनातन धर्म में शुक्रवार का दिन धन और ऐशवर्य की देवी कही जाने वालीं माता लक्ष्मी की पूजा और व्रत को समर्पित किया गया है.
धार्मिक
वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं और कोनों का विशेष महत्व बताया गया है. वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मुख्य कारण घर के किसी विशेष कोने में ऊर्जा का असंतुलन हो सकता है.
एकादशी तिथि की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 को रात 1 बजकर 17 मिनट पर होगी और इसका समापन 14 अप्रैल 2026 को रात 1 बजकर 8 मिनट पर होगा.
खरमास की अवधि में शादी-विवाह, सगाई, मुंडन संस्कार, नामकरण, गृह प्रवेश समेत तमाम शुभ और मांगलिक वर्जित होते हैं.
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा के दिन भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार हनुमान जी ने पृथ्वी पर जन्म लिया था.
अक्सर ये कहा जाता है कि महिलाओं को हनुमान जी का पूजन नहीं करना चाहिए. हालांकि, यह धारणा सिर्फ मान्यताओं के अनुसार है.
ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे ग्रह दोष और दिशा दोष भी एक बड़ा कारण हो सकता है. ऐसे में कुछ आसान उपाय अपनाकर इन बाधाओं को दूर किया जा सकता है.
वास्तु शास्त्र में घर को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. इसमें बताया गया है कि घर में रखी जाने वाली चीजों का असर व्यक्ति के भाग्य और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है.
राम नाम का यह नाद केवल कानों को ही नहीं, बल्कि हर भक्त के हृदय को आनंदित कर रहा था. इसी बीच रामलला का सूर्य तिलक करने का दैवीय संयोग हुआ.
Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि का आठवां दिन मां महागौरी की उपासना का होता है. नवरात्रि का आठवां दिन बहुत ही शुभ और फलदायी माना जाता है.

