धार्मिक

हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का अत्यंत पावन और विशेष महत्व माना गया है, जो इस वर्ष 26 सितंबर से…

हिंदू धर्म में पितृ पक्ष के दौरान पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने का विशेष विधान है। इन पावन दिनों में कौवे को ग्रास कराना अनिवार्य माना जाता है।

26 सितंबर 2026, शनिवार को पूर्णिमा श्राद्ध संपन्न किया जा रहा है। भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि से ही पितरों के निमित्त श्राद्ध कर्मों की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है।

कुंडली में मजबूत चंद्रमा व्यक्ति को मानसिक शांति और सुख प्रदान करता है, कमजोर चंद्रमा अत्यधिक मानसिक तनाव, ओवरथिंकिंग और जीवन में कई तरह की परेशानियों का कारण बनता है.

अनंत चतुर्दशी का पवित्र पर्व इस वर्ष 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को मनाया जाएगा, जो कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को पड़ता है.

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व बताया गया है, और सालभर में आने वाली सभी एकादशियों में ‘इंदिरा एकादशी’ का स्थान बेहद खास माना जाता है.

गणेश उत्सव के दौरान भक्त पूरे विधि-विधान और श्रद्धा भाव से भगवान गणेश की स्थापना और पूजा-अर्चना करते हैं. इसके बाद अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा का विसर्जन किया जाता है.

धन, वैभव, सुख और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए भक्त विभिन्न प्रकार के व्रत और अनुष्ठान करते हैं, जिनमें महालक्ष्मी व्रत का विशेष महत्व है

मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद महीने में आने वाली एकादशी को परिवर्तिनी या करवट बदलने वाली एकादशी कहा जाता है.

गणेश उत्सव देश भर में धूमधाम से मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 14 सितंबर से हुई थी और इसका समापन 25 सितंबर यानी अनंत चतुर्दशी के मुख्य विसर्जन के साथ होगा.