हरिद्वार: गंगनहर की मरम्मत और सफाई के चलते हरिद्वार में हर की पैड़ी पर गंगा की मुख्य धारा रोक दी गई है, जिसकी वजह से घाट पूरी तरह सूख गए हैं. पानी हटते ही गंगा की तली में भारी मात्रा में गंदगी देखने को मिल रही है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने युद्धस्तर पर सफाई का काम शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि यह सफाई अभियान आगामी 20 दिनों तक चलेगा, और इस अवधि के दौरान यहाँ बहुत ही सीमित मात्रा में पानी छोड़ा जाएगा. पानी (Haridwar Ganga Canal Cleaning News) की धारा रोके जाने के बाद से हर की पैड़ी पर आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान के लिए पर्याप्त जल नहीं मिल पा रहा है.
Haridwar Ganga Canal Cleaning News – प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, सफाई का यह पूरा काम पूरा होने के बाद 8 नवंबर की सुबह पानी की धारा दोबारा छोड़ दी जाएगी, जिसके बाद हर की पैड़ी समेत अन्य सभी घाटों पर गंगा का प्रवाह पूरी तरह सुचारू हो जाएगा. प्रशासन ने सफाई कार्य जारी रहने तक श्रद्धालुओं से फिलहाल स्नान के लिए यहाँ न आने की अपील की है.
हर साल होती है वार्षिक सफाई
ऊपरी गंगनहर में हर साल की तरह इस बार भी वार्षिक सफाई और मरम्मत के लिए पानी की धारा रोकी गई है. इसी क्रम में मंगलवार की मध्य रात्रि को गंगनहर में जल प्रवाह बंद किया गया. मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र के अनुसार, इस नहर बंदी के दौरान हरिद्वार के अलावा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के करीब 15 अन्य जिलों में भी नहर की मरम्मत का काम एक साथ शुरू किया गया है.
अर्द्धकुंभ की तैयारियां शुरू
नहर की सफाई के लिए जलधारा रोकने के साथ ही आगामी माघ महीने में आयोजित होने वाले ‘अर्द्धकुंभ’ की तैयारियां भी बड़े पैमाने पर शुरू कर दी गई हैं. इसके तहत घाटों की विशेष मरम्मत के साथ-साथ गंगा की तली के समतलीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है. हालाँकि, इस बीच कई धार्मिक संगठनों और स्थानीय पुजारियों ने गंगा का प्रवाह पूरी तरह बंद किए जाने पर अपना कड़ा ऐतराज जताया है.


