रायपुर: ‘विकसित छत्तीसगढ़ के विजन 2047’ को धरातल पर साकार करने के लिए राज्य सरकार ने खेल क्षेत्र को एक नई दिशा देने का बड़ा फैसला किया है। रायपुर में आयोजित खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज , आधुनिक खेल (developed Chhattisgarh vision 2047) इंफ्रास्ट्रक्चर, अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग और गांव-गांव तक खेल संस्कृति विकसित करने पर विशेष जोर दिया।

developed Chhattisgarh vision 2047 – रायपुर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेल विभाग के अधिकारियों, राज्य क्रीड़ा परिषद के सदस्यों और प्रशिक्षकों (Coaches) से एक नई सोच और स्पष्ट विजन के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल औपचारिकता के लिए खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कराना नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ को एक ऐसा प्रगतिशील राज्य बनाना है जहां की खेल प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय मंच और अवसर मिल सकें।

 कम उम्र में ही होगी होनहार खेल प्रतिभाओं की पहचान

उप मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग को आपस में समन्वय बनाकर सभी आयोजनों के दौरान कम उम्र की छिपी हुई प्रतिभाओं की पहचान करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि खिलाड़ियों की शुरुआती उम्र में सटीक पहचान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और बेहतर ग्रूमिंग ही ‘विजन 2047’ के स्पोर्ट्स लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।

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