राजधानी रांची में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का व्यावसायिक और अवैध रूप से इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ अब जिला स्तर पर कार्रवाई और अधिक तेज कर दी गई है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने इस संबंध में एक विस्तृत गाइडलाइन और दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग की पहचान करने, उसकी जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन व तेल विपणन (ऑयल कंपनियों) के बीच आपसी समन्वय पर विशेष जोर दिया गया है।
🏨 होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और मैरिज हॉल होंगे चेक, प्रशासन और तेल कंपनियां मिलकर चलाएंगी अभियान
जारी निर्देशों के मुताबिक, सभी जिला उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों में घरेलू गैस सिलेंडरों के कमर्शियल उपयोग पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके लिए होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें, कैंटीन, मैरिज हॉल और अन्य बड़े-छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की औचक जांच की जाएगी। कंपनियों को अपने अधिकृत डीलरों के माध्यम से घरेलू एलपीजी के व्यावसायिक इस्तेमाल पर नजर रखने और ऐसी गड़बड़ियों की सूचना तुरंत प्रशासन तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
📊 हर महीने होगी कार्रवाई की समीक्षा, 6 प्रमुख बिंदुओं के आधार पर तैयार होगी विस्तृत रिपोर्ट
गाइडलाइन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिला स्तर पर की जाने वाली कार्रवाई की हर महीने नियमित समीक्षा की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को एक तय प्रारूप पर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है, जिसमें 6 मुख्य बिंदु शामिल हैं—निरीक्षण किए गए प्रतिष्ठानों की संख्या, घरेलू एलपीजी के अनधिकृत उपयोग के मामले, नियमानुसार की गई कानूनी कार्रवाई, जब्त या अभिरक्षित किए गए सिलेंडरों की संख्या और लंबित मामलों का विवरण। विभाग ने सभी संबंधित पक्षों को इन नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।


