धार्मिक

धार्मिक एवं ज्योतिष: सनातन धर्म में सावन (श्रावण) का महीना भगवान शिव की अनन्य भक्ति के लिए अत्यंत विशेष माना जाता है।

हिंदू धर्म शास्त्रों में मंगलवार का दिन अत्यंत विशेष और पवित्र माना गया है। यह दिन पवनपुत्र, संकटमोचन और भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी को पूर्ण रूप से समर्पित है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल (सूर्यास्त के आसपास का समय) में भगवान शिव की पूजा करने से अनंत पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।

क्या आप जानते हैं कि घड़ी सिर्फ समय बताने का जरिया नहीं है, बल्कि यह आपके घर की ऊर्जा, तरक्की और भाग्य को भी तय करती है?

भगवान श्रीकृष्ण सिर पर मुकुट, उसमें लगा मोर पंख, हाथों में बांसुरी और पीतांबर धारण किए हुए ही ज्यादातर तस्वीरों में नजर आते हैं।

चंबा के उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने जानकारी दी कि मणिमहेश की यात्रा हर साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से शुरू होकर राधा अष्टमी तक चलती है।

हस्तरेखा शास्त्र जहां हथेली की रेखाओं का अध्ययन करता है, वहीं सामुद्रिक शास्त्र हमारे शरीर के अंगों के लक्षणों से भविष्य बताने में सक्षम है।

ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को क्रूर नहीं, बल्कि न्यायप्रिय माना गया है, जो व्यक्ति को उसके अच्छे-बुरे कर्मों के अनुसार फल देते हैं।

24 जुलाई की रात (25 जुलाई 2026 की सुबह) 03:54 बजे बुध अपनी स्वराशि मिथुन में मार्गी यानी सीधी चाल चलना शुरू कर देंगे।

घर में आईना न केवल सौंदर्य बढ़ाने के लिए होता है, बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार यह ऊर्जा के प्रवाह को भी नियंत्रित करता है।