छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से पारिवारिक जमीन के विवाद को लेकर एक बेहद खौफनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां खानदानी जमीन के बंटवारे को लेकर हुए तगड़े विवाद में गुस्से में आए भतीजे ने अपने ही 85 वर्षीय बुजुर्ग चाचा की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी भतीजा फरार चल रहा था, जिसे पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि कत्ल के बाद वह भागकर मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में छिपा हुआ था और पुलिस ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

🌳 पसान थाना क्षेत्र के ग्राम पपरिया की घटना, पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहा था पुराना विवाद

पसान थाना पुलिस से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात वानांचल इलाके के अंतर्गत आने वाले पसान थाना क्षेत्र के ग्राम पपरिया (सिपतपारा) की है। यहां 85 वर्षीय बुजुर्ग बबन राम यादव की पुश्तैनी जमीन है, जिसका उनके अन्य भाइयों के साथ सही तरीके से बंटवारा नहीं हो पाया था। इसी बात को लेकर बबन राम यादव और उनके छोटे भाई के बेटे यानी उनके 23 वर्षीय भतीजे अशोक कुमार यादव के बीच लंबे समय से मनमुटाव और विवाद चल रहा था।

🪓 तीखी बहस के बाद बुजुर्ग चाचा ने चलाई लाठी, तो गुस्से में आकर भतीजे ने कुल्हाड़ी से कर दिए ताबड़तोड़ वार

घटना के दिन भी दोनों के बीच उसी पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही थी। बातचीत के दौरान बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान बुजुर्ग बबन राम यादव ने गुस्से में आकर लाठी से अपने भतीजे अशोक कुमार यादव पर हमला कर दिया। इस बात से उग्र और नाराज होकर भतीजे ने पास ही रखी कुल्हाड़ी उठाई और अपने ही चाचा पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हुए बबन राम यादव की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

🕵️ मध्य प्रदेश के शहडोल में छिपा था हत्यारा, परिवार से चुपचाप मिलने गांव पहुंचते ही पुलिस के शिकंजे में फंसा

इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी अशोक कुमार यादव बुरी तरह घबरा गया और तुरंत मौके से फरार हो गया। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए वह भागकर सीधा मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में जा छिपा और वहां शरण ली। इधर पसान थाना पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही थी, लेकिन उसका सुराग नहीं मिल रहा था। इसी बीच कुछ दिनों बाद जब उसे अपने परिवार से मिलने की इच्छा हुई, तो वह चोरी-छिपे अपने गांव वापस लौट आया। पुलिस टीम को मुखबिर के जरिए इसकी भनक लग गई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित घेराबंदी करते हुए आरोपी अशोक कुमार यादव को धर दबोचा। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

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