उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के पाकबड़ा थाना क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड ने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। मौढ़ा तैय्या गांव की निवासी सीमा और उसके 10 वर्षीय बेटे अंकुश की हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि महिला के पति जसराम और देवर जयराम ने मिलकर की थी। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे मकान के बकाया 3 लाख रुपये (wife and innocent son murdered) के सौदे का विवाद और चरित्र पर शक जैसी वजहें सामने आई हैं।
योजना के मुताबिक, देवर जयराम ने सीमा और उसके बेटे को अगवानपुर से बाइक पर बैठाया। रास्ते में उसने मासूम अंकुश को एक पेट्रोल पंप पर छोड़ दिया और सीमा को सुनसान खेत की तरफ ले गया, जहां पति जसराम पहले से ही हथियार लेकर घात लगाए बैठा था। खेत में पहुंचते ही पति ने सीमा के पैर जकड़ लिए और देवर ने धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। इसके बाद, जयराम वापस पेट्रोल पंप पहुंचा और डर के मारे मासूम अंकुश की भी गला घोंटकर हत्या कर दी, ताकि वह सच न बता सके।
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wife and innocent son murdered – हत्या के बाद दोनों शातिर भाइयों ने शवों को अमरोहा जिले की सीमा के पास फेंक दिया, ताकि दो अलग-अलग जिलों की पुलिस सीमा विवाद में उलझ जाए और वे बच सकें। पहचान मिटाने के लिए उन्होंने शवों पर पेट्रोल छिड़ककर उनके चेहरों को भी बुरी तरह झुलसा दिया था। हालांकि, उनकी यह योजना नाकाम रही।
पिता का दर्द और न्याय की मांग
मृतका के पिता मन्नू चौहान, जो देवरिया से मुरादाबाद पहुंचे थे, अपनी बेटी और नाती के झुलसे हुए शवों को देख टूट पड़े। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी का विवाह बड़े अरमानों के साथ किया था, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उसे ऐसा धोखा मिलेगा। दुखी पिता ने मुरादाबाद के रामगंगा तट पर ही अपनी बेटी और नाती का अंतिम संस्कार किया।


