उत्तर प्रदेश के सड़क बुनियादी ढांचे को एक बड़ी सौगात देते हुए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे को अब आम जनता के लिए खोल दिया गया है। सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से इस अत्याधुनिक 6-लेन एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। इस (Lucknow-Kanpur Expressway) मार्ग के खुलने से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा का समय ढाई-तीन घंटे से घटकर महज 35 से 45 मिनट रह जाएगा, जिससे लाखों यात्रियों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
लगभग 63 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ के शहीद पथ से शुरू होकर कानपुर के चकेरी तक जाता है। नेशनल एक्सप्रेसवे-6 का हिस्सा होने के नाते, इसकी 30 प्रतिशत लंबाई एलिवेटेड है, जिससे शहरों के भीतर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो गया है। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे आठ लेन तक विस्तारित करने की योजना भी तैयार है। वाहनों के लिए अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति निर्धारित की गई है।
Lucknow-Kanpur Expressway – इस एक्सप्रेस-वे की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘बैरियर-फ्री टोल सिस्टम’ है। वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि अत्याधुनिक तकनीक से चलते-चलते ही भुगतान हो जाएगा। पूरे रूट पर पांच टोल प्वाइंट्स बनाए गए हैं। इसके निर्माण में 3D AMG (ऑटोमेटिक मशीन गाइडेंस) तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे सड़क की मजबूती और गुणवत्ता विश्व-स्तरीय सुनिश्चित की गई है। इस परियोजना पर लगभग 4,700 करोड़ रुपये की लागत आई है।
आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था
NHAI ने एक्सप्रेस-वे को अभेद्य सुरक्षा सुविधाओं से लैस किया है। पूरे मार्ग पर 4 बड़े पुल, 25 छोटे पुल, 4 फ्लाईओवर और 13 वाहन अंडरपास बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिए 63 सीसीटीवी कैमरे और 16 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम (VIDS) लगाए गए हैं। कंट्रोल सेंटर का लक्ष्य है कि किसी भी आपात स्थिति में रेस्क्यू टीम 15 मिनट के भीतर मौके पर पहुँच जाए।


