अयोध्या में राम मंदिर से चढ़ावा चोरी मामले के बाद दान के स्वरूप में कमी देखने को मिल रही है। सूत्रों के अनुसार, जहां पहले काउंटिंग में 100, 200 और 500 रुपये के नोटों की गड्डियां अधिक होती थीं, वहीं अब 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की संख्या बढ़ गई है। हालांकि, मंदिर ट्रस्ट की ओर से दान में गिरावट या श्रद्धालुओं की (reduction in donations) संख्या में कमी को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे भक्तों के दान करने के तरीके में आए बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
reduction in donations – अयोध्या के राम मंदिर में हुई चढ़ावे की चोरी ने करोड़ों भारतीयों को आहत किया है। मंदिर केवल एक संरचना नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद जब राम लला अपने स्थान पर विराजे, तो लोगों में अटूट भावनात्मक लगाव था। जनवरी 2024 के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में उमड़ा जनसैलाब इसका प्रमाण था, लेकिन हालिया चोरी की खबरों ने इस आस्था को गहरा धक्का पहुँचाया है।
संघ परिवार का सख्त रुख और प्रशासनिक सुधार
लोगों की नाराजगी इसलिए भी अधिक है क्योंकि मंदिर का प्रबंधन संघ परिवार से जुड़े लोगों के हाथों में है, जिनकी साख और अनुशासन पर लोगों को अटूट भरोसा था। इसी भरोसे के कारण मंदिर में भारी मात्रा में दान आता था। संघ के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की है। उन्होंने ट्रस्ट को निर्देश दिया है कि वे भविष्य में पारदर्शी, बिना किसी गलती वाला वित्तीय प्रबंधन और धार्मिक शुचिता सुनिश्चित करें।


