Chauri Chaura Festival Update: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार सुबह 11 बजे चौरीचौरा कांड के शताब्दी वर्ष समारोह का नई दिल्ली से ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे। देश की आजादी के अहम घटनाक्रम चौरीचौरा परमोदी डाक टिकट व विशेष आवरण भी जारी करेंगे। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ऑनलाइन जुड़ेंगी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य समारोह स्थल पर मौजूद रहेंगे। समारोह एक साल तक प्रदेश भरके शहीद स्मारकों पर मनाया जाएगा। समारोह का समापन 4 फरवरी 2022 को चौरीचौरा से होगा। मुख्यमंत्री योगी की पहल परसरकारचौरीचौरा के शहीदों और उनके परिजनों को सम्मान दे रही है। समारोह में वंदे मातरम् गायन का रिकॉर्ड बनाने की भी तैयारी है। इसमें वंदे मातरम् के पहले छंद का वीडियो अपलोड करना है। गुरुवार 12 बजे तक 50 हजारवीडियो अपलोड करने की तैयारी है।

गोरखपुर में गुरुवार से शुरू होने जा रहा चौरीचौरा शताब्दी महोत्सव कोरोना काल का सबसे बड़ा आयोजन है। चौरीचौरा स्थित शहीद स्मारक परिसर में शहीदों के परिवारीजनों और आम लोगों के लिए पांच हजार से ज्यादा कुर्सियां लगाई गई हैं। मुख्य समारोह 12 बजे तक होगा। इसके बाद शाम तक अन्य कार्यक्रमों का सिलसिला चलेगा। पूरे साल शहीद स्थलों पर आयोजन होते रहेंगे।
Chauri Chaura Festival Update: उम्मीद जगाई : चौरीचौरा की घटना ने न केवल अंग्रेजी हुकूमत की चूलें हिला दी थीं बल्कि अवाम को आजादी की हवा में सांस लेने की उम्मीदों से भी भर दिया था। इस घटना से पहले ही इलाके में आजादी के मतवालों ने जैसी जमीन तैयार कर दी थी, वैसा पहले या बाद में कहीं और देखने को नहीं मिला। अखाड़ों में गठबंधनः अगस्त 1920 में नेशनल वालंटियर्स का गठन हुआ और इसी के साथ इलाके के अखाड़ों का गठबंधन भी हो गया। दंगलों में एक-दूसरे को ललकारने वाले पहलवान ब्रितानी हुकूमत को देश से भगाने के लिए एक हो गए। नेशनल वालंटियर्स के प्रशिक्षण में नामी-गिरामी पहलवान हिस्सा लेने लगे। नतीजा यह कि अंग्रेजी हुकूमत अनुशासित और प्रशिक्षित नेशनल वालंटियर्स को अर्द्धसैनिक बल मानने लगी। लोगों को जोड़ा 01 अगस्त 1920 से खिलाफत के मुद्दे को लेकर गांधी जी ने असहयोग आंदोलन शुरू कर दिया था। इसी दौरान स्वयंसेवकों और कांग्रेसी स्वयंसेवकों के स्थान पर एकल संगठन नेशनल वालंटियर्स का गठन किया गया। नेशनल वालंटियर्स की खूब ख्याति बढ़ी क्योंकि इसने हिन्दू-मुस्लिम एकता की अद्वितीय मिसाल पेश की। नेशनल वालंटियर्स में इलाके के गांवों में चल रहे अखाड़ों के पहलवान भी शामिल होने लगे। पहलवानों के इस संगठन में शामिल होते ही बड़ी संख्या में लोग इसका हिस्सा बन गए। जुड़े पहलवानः नजर अली आला दर्जे के पहलवान थे और चौरीचौरा जन विद्रोह के केंद्र में रहे डुमरी खुर्द गांव में अखाड़ा चलाते थे। विक्रम अहीर और सूर्यबली भी डुमरी खुर्द गांव के थे। पहलवानों के रूप में दोनों की दूर-दूर तक ख्याति थी। सहुआ कोल के कोमल के दमखम का लोहा पूरा इलाका मानता था। लाल मोहम्मद चौरा गांव में और अब्दुल्ला राजधानी गांव में अखाड़ा चलाते थे।
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वालंटियरों को प्रशिक्षणः यहां रिश्तेदारी में रह रहे भगवान अहीर प्रथम विश्व युद्ध लड़ चुके थे। उन्हें सेना के कौशल का ज्ञान था लिहाजा दोनों वालंटियरको प्रशिक्षण देने लगे। सैनिकों की तरह अनुशासन सिखाने लगे तो अफसर के निर्देश को ही सर्वोपरि मानने के लिए प्रेरित करने लगे। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जाता था कि वालंटियर्स से शपथ पत्र भरवाया जाता था कि वे अपने अधिकारी की बात मानेंगे। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शोधार्थी रहे डॉ. सचिन और डॉ. अंजना राय ने शोध के दौरान इलाके के बुजुर्गों और बुद्धजीवियों से बात की तो ये तथ्य सामने आए। इलाके केलोग तो यहां तक कहते हैं कि चौरीचौरा की घटना के दिन इन पहलवानों की एका ने ही ब्रितानी हुकूमत वाली पुलिस को सबक सिखाया। विक्रम अहीरके परिवार के बृजराज यादव और भालचंद कहते हैं कि उनके पूर्वजों ने नेशनल वालंटियर्स के बारे में जो कुछ बताया, उसे सुनकर सीना गर्व से तन जाता है।

चौरीचौरा महोत्सव के दौरान आज जगह-जगह आयोजन होगा सुबह 8:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक कार्यक्रम होंगे। सुबह प्रभात फेरी निकाली जाएगी। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि चौरीचौरा महोत्सव के दौरान काकोरी शहीद स्मारक स्थल,शहीद स्मारक पार्क, काकोरी स्तम्भ, जीपीओ पार्क, चन्द्र शेखर आजाद चौराहा, शहीद भगत सिंह चौराहा, शहीद स्मारक कुम्हरावां बीकेटी, राजा दिग्विजय सिंह शहीद स्मारक उमरिया बीकेटी, शही उपवन गोमती रिवरफ्रंट, कैप्टन मनोज पाण्डेय चौक गोमती नगर नगर आदि स्थानों पर आयोजन किए जाएंगे। चौरीचौरा के वीरों ने रचा नया इतिहास.

Chauri Chaura Festival Update: लखनऊ – ‘चौरीचौरा के वीरों ने रचा नया इतिहास’ यह मुखड़ा है चौरीचौरा शताब्दी वर्ष के थीम सांग का। स्वाधीनता आंदोलन को महत्वपूर्ण मोड़ देने वाली ऐतिहासिक चौरीचौरा घटना के शताब्दी वर्ष समारोह के लिए प्रदेश सरकार ने पूर्ण गीत तैयार कराया है। वीरेंद्र वर्मा रचित इस गीत को फिल्म बदलापुर के गीत ‘जी करदा’ से सुर्खियो में आए दिव्य कुमार ने गाया है और राजेश सोनी ने संगीतबद्ध किया है। करीब तीन मिनट का यह गीत शताब्दी वर्षसमारोह में गूंजेगा। इस गीत के जरिए चौरीचौरा के पूरे परिदृश्य एवं इस घटना का जंगे आजादी पर पड़ने वाले प्रभाव को समेटने का प्रयास किया गया है।
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