नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा पेपर लीक मामले को लेकर किए गए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कई आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए थे। विशेष रूप से तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जश्न के नाम पर सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो अपलोड किए गए थे, जिनमें प्रधानमंत्री के खिलाफ अत्यधिक आपत्तिजनक और भद्दे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
अब दिल्ली पुलिस सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है कि सोशल मीडिया पर मौजूद इस तरह के सभी आपत्तिजनक कंटेंट को पहचान कर तेजी से हटवाया जा रहा है।
📱 दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजकर आपत्तिजनक पोस्ट तत्काल हटाने के दिए निर्देश
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसक घटनाओं के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर की गई आपत्तिजनक पोस्टों, टिप्पणियों और विवादित रील्स को लेकर दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी के खिलाफ अमर्यादित भाषा, अपशब्दों और आपत्तिजनक टिप्पणियों वाले तमाम पोस्ट, वीडियो और कमेंट्स को इंटरनेट से डिलीट करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दिल्ली पुलिस की ओर से प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को औपचारिक नोटिस जारी कर ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट को बिना किसी देरी के तुरंत हटाने (Remove) के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन और हंगामे के दौरान प्रधानमंत्री को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में कंटेंट सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था।
🔍 सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम रख रही है पैनी नजर, कानून का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भी दिल्ली पुलिस की साइबर टीम लगातार अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे आपत्तिजनक और भड़काऊ कंटेंट की गहन पड़ताल कर रही है। जैसे-जैसे ऐसे वीडियो या पोस्ट की पहचान हो रही है, संबंधित प्लेटफॉर्म को नोटिस भेजकर नियमानुसार तुरंत आवश्यक दंडात्मक और सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की विशेष ‘सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम’ लगातार डिजिटल गतिविधियों और ट्रेंड्स पर चौबीसों घंटे नजर बनाए हुए है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। सूत्रों का यह भी कहना है कि पुलिस साइबर सेल इस बात की भी कानूनी जांच कर रही है कि क्या इन पोस्ट्स के जरिए किसी धारा का उल्लंघन किया गया है या फिर इनसे देश में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था (Public Order) बिगड़ने की आशंका थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।


