लखनऊ/मैनपुरी : उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने और जोड़े जाने के बाद से ही वोटर लिस्ट को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। मुख्य (UP Voter List Dispute) विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) ने अब मैनपुरी जिले की वोटर लिस्ट में बहुत बड़ी तकनीकी गड़बड़ी और धांधली होने का सीधा आरोप लगाया है।
सपा ने आधिकारिक तौर पर मतदाता सूची की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से सभी ‘डुप्लीकेट वोटर्स’ (एक से अधिक बार दर्ज नाम) को तत्काल प्रभाव से हटाने की पुरजोर मांग की है। पार्टी का बेहद गंभीर आरोप है कि चुनावी लाभ लेने के उद्देश्य से एक ही वैलिड वोटर के नाम सूची में 6-6 बार तक अवैध रूप से दर्ज किए गए हैं, जो निष्पक्ष चुनाव प्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान है।
इसे भी पढ़ें – मुरादाबाद में कार सवार महिला से बारातियों की बदसलूकी; थानेदार बोले—’दारू पीकर बूढ़े भी जवान हो जाते हैं’
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कड़े निर्देश के बाद मैनपुरी में पूरी पार्टी जमीनी स्तर पर एक्टिव हो गई है। सपा के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने इस गंभीर विषय के संबंध में जिला मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और जिले में आगामी चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की मांग उठाई।
UP Voter List Dispute – सपा नेताओं का आरोप है कि मैनपुरी जिले की सभी चारों विधानसभा सीटों पर जांच के दौरान ऐसे सैकड़ों चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं, जहां एक ही नाम, एक ही पिता का नाम, समान पता, उम्र और एक ही पोलिंग बूथ पर कई अलग-अलग पहचान पत्रों के साथ वोटर्स के नाम दर्ज हैं।
