लखनऊ : उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय जनगणना 2027 (UP Census 2027) की जमीनी और प्रशासनिक तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू हो गई हैं। शुक्रवार से राज्यभर के सभी जिलों में मकान सूचीकरण (House Listing) और भवन गणना का महा-अभियान आरंभ हुआ। इस अभियान के पहले ही दिन फील्ड में उतरे प्रगणकों (Enumerators) ने मुस्तैदी दिखाते हुए रिकॉर्ड 1.35 करोड़ से अधिक भवनों को विशिष्ट जनगणना नंबर प्रदान कर एक बहुत बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि हासिल की है।

🕌 ऐतिहासिक धरोहरों की भी होगी गणना 

इस बार की राष्ट्रीय जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक और खास मानी जा रही है। उत्तर प्रदेश की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को विशेष महत्व देते हुए प्रशासन ने वाराणसी के भव्य काशी विश्वनाथ मंदिर,आगरा के विश्व प्रसिद्ध ताजमहल और वीरांगना की भूमि झांसी का किला को भी औपचारिक रूप से जनगणना की मुख्य प्रक्रिया और डेटाबेस में शामिल किया है।

📱 डिजिटल तकनीक से लैस होकर घर-घर पहुंचे प्रगणक 

राज्य के कुल 3,89,312 मकान सूचीकरण ब्लॉकों में शुक्रवार की सुबह से ही प्रगणक और पर्यवेक्षक (Supervisors) सुरक्षा और पहचान पत्रों के साथ घर-घर पहुंचे। जनगणना अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पहले दिन कुल 1,35,02,160 भवनों की भौतिक मैपिंग कर उन्हें विशिष्ट जनगणना नंबर दिए गए। इसके साथ ही, भविष्य के संदर्भ के लिए हर क्षेत्र का ‘नजरी नक्शा’ तैयार करने का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर किया गया।

💻  47 लाख से अधिक परिवारों ने ऑनलाइन कराया खुद का पंजीकरण

जनगणना के इस प्रथम चरण की शुरुआत से ठीक पहले सरकार द्वारा 7 मई से 21 मई तक एक विशेष ‘स्व-गणना अभियान’ (Self-Enumeration Drive) चलाया गया था। डिजिटल इंडिया की झलक दिखाते हुए इस दौरान उत्तर प्रदेश भर के रिकॉर्ड 47,96,158 जागरूक परिवारों ने सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन माध्यम से (UP Census 2027) स्वयं लॉगिन कर अपना और अपने परिवार का प्रारंभिक पंजीकरण सफलतापूर्वक कराया।

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