UP Budget 2021: इस साल विधानमंडल का पहला सत्र 18 फरवरी से शुरू होकर 10 मार्च तक चलाए जाने की तैयारी है। इसी में वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पास कराया जाएगा। कई अध्यादेश को विधेयक के रूप में पास कराया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों के कामकाज परसीएजी रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएगी। विधानसभा सचिवालय ने मंगलवार को विधानसभा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके मुताबिक कुल 14 बैठकें होंगी। 18 फरवरी को सुबह 11 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का दोनों सदनों के सदस्यों के समक्ष अभिभाषण होगा। अगले दिन शुक्रवारको राज्यपाल के अभिभाषण परचर्चा होगी। 20 व 21 को शनिवार व रविवार होने के कारण बैठक नहीं होगी। 22 फरवरी को वित्तमंत्री सुरेश खन्ना सदन में बजट पेश करेंगे। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का क्रम 23 को भी जारी रहेगा। 24 फरवरी से बजट परचर्चा शुरू होगी। 26 फरवरी को अवकाश के कारण बैठक नहीं होगी। 27 व 28 को शनिवार व रविवार के कारण अवकाश रहेगा। इसके बाद 1, 2 व 3 मार्च को बजट पर चर्चा होगी। अगले दिन 4, 5 व 8 व 9 मार्च को बजट की अनुदान मांगों पर चर्चा व पारण होगा। अगले दिन बुधवार 10 मार्च को बजट व विनियोग विधेयक पास होगा।
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यह अध्यादेश सदन में पेश होंगे उत्तर प्रदेश पेंशन हेतु अर्हकारी सेवा तथा विधिमान्य अध्यादेश 2020
- उत्तर प्रदेश चलचित्र विनियमन संशोधन अध्यादेश-2020
- उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020
- उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता संशोधन अध्यादेश- 2020
- उत्तर प्रदेश गन्ना पूर्ति तथा खरीद विनियमन द्वितीय संशोधन अध्यादेश-2020
- राज्य आयुष विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश संशोधन अध्यादेश- 2021
- उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किराएदारी विनियमन अध्यादेश 2021
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UP Budget 2021: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में बुनियादी ढांचे पर फोकस होगा। चुनावी वर्ष का बजट होने के नाते सरकार इसके जरिये विभिन्न वर्गों को भी साधने की कोशिश करेगी। हालांकि कोरोना आपदा के कारण राज्य और केंद्र सरकार के राजस्व में आई कमी से बजट के लिए संसाधन जुटाने की चुनौती बढ़ गई है। सरकार के पिछले बजट का आकार 5.12 लाख करोड़ रुपये था। कयास लगाये जा रहे हैं कि बजट का आकार 5.5 से 5.6 लाख करोड़ रुपये हो सकता है। हालांकि चुनावी वर्ष में हौसला दिखाते हुए सरकार इससे बड़े आकार का बजट भी प्रस्तुत कर सकती है। चुनावी वर्ष में अपनी हसरतों को परवान चढ़ाने के लिए सरकार अगस्त और दिसंबर में दो अनुपूरक बजट भी पेश कर सकती है।

