Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • Govinda Karisma Kapoor Movies Breakup: क्यों टूटी गोविंदा और करिश्मा कपूर की सुपरहिट जोड़ी? शगुफ्ता अली ने खोला 24 साल पुराना राज
    • भारत बनाम जिम्बाब्वे T20I: अभिषेक शर्मा ने गेंद से मचाया तहलका, 14 साल बाद दोहराया सहवाग का ऐतिहासिक कारनामा
    • रूस-यूक्रेन युद्ध में भीषण पलटवार, जपोरिज्जिया में 12 और सुमी में 3 लोगों की मौत से बढ़ा तनाव
    • बैंक ग्राहकों के लिए अच्छी खबर, इस सप्ताह सोमवार से शनिवार तक खुले रहेंगे सभी सरकारी और निजी बैंक
    • बच्चों के लिए ज्यादा सुरक्षित होगा ChatGPT, OpenAI ने पेश किए नए ‘टीन फीचर्स’ और चाइल्ड सेफ्टी ब्लूप्रिंट
    • आज आषाढ़ मास का रवि प्रदोष व्रत, जानें प्रदोष काल पूजा विधि और महादेव की कृपा पाने के विशेष उपाय
    • मानसून के मौसम में जन्नत जैसा अहसास कराता है ‘बादलों का घर’ मेघालय, हरियाली और वादियों का लें मज़ा
    • नोएडा सेक्टर-150 की एल्डिको सोसाइटी में दर्दनाक हादसा, STP टैंक में जहरीली गैस से दो लोगों की मौत
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Sunday, July 26
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Home » बच्चों के लिए ज्यादा सुरक्षित होगा ChatGPT, OpenAI ने पेश किए नए ‘टीन फीचर्स’ और चाइल्ड सेफ्टी ब्लूप्रिंट

    बच्चों के लिए ज्यादा सुरक्षित होगा ChatGPT, OpenAI ने पेश किए नए ‘टीन फीचर्स’ और चाइल्ड सेफ्टी ब्लूप्रिंट

    July 26, 2026 टेक्नोलॉजी 3 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    ओपनएआई (OpenAI) 18 साल से कम उम्र के यूज़र्स के लिए चैटजीपीटी (ChatGPT) को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। कंपनी इसके लिए नए ‘टीन फीचर्स’ के साथ एक ‘चाइल्ड सेफ्टी ब्लूप्रिंट’ लेकर आई है, जो बच्चों को एआई का सुरक्षित व जिम्मेदार इस्तेमाल सिखाने और इसके गलत उपयोग को रोकने का काम करेगा।

    एआई जरूरत पड़ने पर यूज़र को ब्रेक लेने की सलाह देगा, पढ़ाई के दौरान सीधे जवाब देने के बजाय स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया समझाएगा और संवेदनशील कंटेंट पर पहले से अधिक सख्त सुरक्षा मानक लागू करेगा। इसके साथ ही पेरेंट्स को भी कुछ विशेष कंट्रोल्स मिलेंगे, जिनकी मदद से वे बच्चों के एआई इस्तेमाल पर नजर रख सकेंगे। इसके तहत चैटजीपीटी में नए सेफ्टी फीचर्स, पैरेंटल कंट्रोल और एडवांस्ड स्टडी मोड जैसे महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं।

    🤖 18 साल से कम उम्र के यूज़र्स के लिए अलग होगा ChatGPT एक्सपीरियंस

    ओपनएआई ने बताया कि 18 साल से कम उम्र के यूज़र्स के लिए चैटजीपीटी में विशेष टीन फीचर्स जोड़े जा रहे हैं। यदि सिस्टम को यह पता चलता है कि यूज़र की उम्र 18 साल से कम है, तो उसे अपने आप ‘टीन एक्सपीरियंस मोड’ में भेज दिया जाएगा।

    इस मोड में पहले से ज्यादा सुरक्षा दी जाएगी ताकि बच्चे एआई का जिम्मेदारी से इस्तेमाल कर सकें। कंपनी का कहना है कि उसका उद्देश्य बच्चों को एआई तकनीक से दूर रखना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित और रचनात्मक तरीके से इसका उपयोग करना सिखाना है।

    ⏰ ब्रेक रिमाइंडर और पेरेंट्स के लिए मिलेंगे नए सुरक्षा कंट्रोल्स

    नए फीचर्स के तहत, यदि कोई किशोर लंबे समय तक लगातार चैटजीपीटी का इस्तेमाल करेगा, तो उसे बीच-बीच में ब्रेक लेने की सलाह देने वाला रिमाइंडर स्क्रीन पर दिखाई देगा।

    इसके अलावा, माता-पिता अब चैटजीपीटी में लगाए गए कुछ कंट्रोल्स को अपनी जरूरत और बच्चों की उम्र के हिसाब से कस्टमाइज कर सकेंगे। इससे वे यह तय कर पाएंगे कि बच्चा एआई का इस्तेमाल किस तरह और कितनी देर करे। ओपनएआई का कहना है कि इससे परिवारों को बच्चों के सुरक्षित डिजिटल इस्तेमाल में बड़ी मदद मिलेगी।

    📚 ‘स्टडी मोड’ में सीधे जवाब नहीं देगा एआई, स्टेप-बाय-स्टेप समझाएगा कॉन्सेप्ट

    ओपनएआई ने स्टडी मोड (Study Mode) को भी पहले से अधिक मजबूत और प्रभावी बनाया है। इस मोड में चैटजीपीटी सीधे होमवर्क या सवाल का उत्तर देने के बजाय स्टेप-बाय-स्टेप समझाएगा, ताकि छात्र खुद समाधान तक पहुंच सकें और उनकी सोचने की क्षमता विकसित हो सके।

    कंपनी के मुताबिक, टीन यूज़र्स के लिए हिंसक कंटेंट, खुदकुशी या अवसाद से जुड़ी सामग्री और खतरनाक सोशल मीडिया वायरल ट्रेंड्स जैसे संवेदनशील विषयों पर पहले से ज्यादा कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना और जोखिम वाले कंटेंट से बच्चों का बचाव करना है।

    🛡️ क्या है OpenAI के ‘चाइल्ड सेफ्टी ब्लूप्रिंट’ में खास? जानिए वैश्विक संगठनों की भूमिका

    ओपनएआई ने इन नए फीचर्स के साथ एक व्यापक ‘चाइल्ड सेफ्टी ब्लूप्रिंट’ (Child Safety Blueprint) भी जारी किया है। इसमें एआई के जरिए होने वाले बच्चों के यौन शोषण (CSAM) और डिजिटल दुरुपयोग को रोकने के लिए कानूनी, तकनीकी और संचालन स्तर पर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं।

    कंपनी ने कहा कि उसने इस ब्लूप्रिंट को तैयार करने में नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉयटेड चिल्ड्रन, अटॉर्नी जनरल अलायंस और थॉर्न जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मिले सुझावों को शामिल किया है। इस ब्लूप्रिंट का मुख्य फोकस एआई से जनरेट या एडिट किए गए गलत कंटेंट पर कानूनी शिकंजा कसना, बेहतर रिपोर्टिंग मैकेनिज्म बनाना और एआई सिस्टम के निर्माण के शुरुआती चरण से ही सुरक्षा उपाय जोड़ना है।

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    पासवर्ड भूलने पर भी नहीं होगी टेंशन! Google ने लॉन्च किया ‘Selfie Video’ साइन-इन फीचर; जानें कैसे करेगा काम

    क्या रिचार्ज खत्म होते ही बंद हो सकती है इनकमिंग कॉल? संसद में उठा बड़ा सवाल, सरकार ने दिया यह जवाब

    Oppo K15 Launch Date: 8000mAh बैटरी और कूलिंग फैन के साथ 24 जुलाई को लॉन्च होगा ओप्पो K15, जानें फीचर्स

    स्मार्टफोन खरीदने का बदल गया तरीका: क्या AI फीचर्स बन गए हैं आपकी पहली पसंद? पढ़ें लेटेस्ट सर्वे रिपोर्ट

    Instagram Child Exploitation Case: मेटा के जवाब की जांच शुरू, IT मंत्रालय का बड़ा एक्शन

    Sony RX10 V लॉन्च: 25x ऑप्टिकल ज़ूम और AI फीचर्स वाला दमदार कैमरा, जानें कीमत और खूबियां

    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.