पाकिस्तान को UAE ने तगड़ा झटका दिया है. आए दिन अरब देशों और IMF से कर्ज लेने वाला पाकिस्तान इन दिनों मध्य पूर्व में शांति कराने का ठेका लिए हुए है. पाकिस्तान चाहता है, जल्द से जल्द ईरान और अमेरिका-इजराइल जंग रुक जाए. इसके लिए वह मिस्र, तुर्की आदि देशों से बातचीत भी कर रहा है. वहीं UAE का रुख जंग (return the entire money) जारी रखने का रहा है, UAE ट्रंप प्रशासन के ईरान पर बड़े हमले और उसके दादागिरी खत्म करने के पक्ष में है. पर पाकिस्तान ये काम नहीं होने देना चाहता है.
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ईरान में जंग के बीच UAE ने पाकिस्तान पर अपना पैसा वापस लौटाने का दबाव बढ़ा दिया है. दरअसल, साल 2018 में UAE ने पाकिस्तान को दो बिलियन डॉलर का लोन दिया था. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के मुताबिक UAE हर साल इस लोन पर 130 मिलियन डॉलर का ब्याज लेता था. बाद में UAE ने ब्याज दर 3 फीसद से बढ़ाकर 6.5 फीसद कर दी. अब ईरान से जंग शुरू होने के बाद UAE ने पाकिस्तान से अपना कर्ज तुरंत लौटाने को कहा है. UAE ने पाकिस्तान को 17 अप्रैल तक दो बिलियन डॉलर की पूरी रकम वापस करने की चेतावनी दी है.
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return the entire money – अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता कराने में पाकिस्तान फेल होता नजर आ रहा है. समझौते में पाकिस्तान की जगह रूस ने एंट्री ले ली है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने समझौते कराने की कमान खुद संभाल ली है. पुतिन के प्रेस सेक्रेटरी दमित्री पेस्कोव का कहना है कि मध्य पूर्व में शांति लाने के लिए जो भी करना होगा, रूस करेगा. राष्ट्रपति खुद एक्टिव होकर प्लान पर काम कर रहे हैं.
