बांग्लादेश में राजबाड़ी के दौलदिया फेरी टर्मिनल पर पद्मा नदी में बुधवार शाम जो हादसा हुआ, उसका वीडियो देखकर हर कोई दंग रह गया. यहां से गुजर रही एक बस में 40-50 लोग सवार थे. देखते ही देखते बस किसी खिलौने की तरह पद्मा नदी में जा गिरी. इस हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई है. यह घटना 25 मार्च को शाम करीब 5:15 बजे दौलतदिया घाट नंबर 3 पर हुई. जब ढाका जा रही बस फेरी पर चढ़ने की कोशिश में कंट्रोल खो बैठी और एक पोंटून से नदी में गिर गई. इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि बस जैसे नदी में गिरी पानी में डूबते लोग खुद को बचाने के लिए बाहर आने लगे. वहां मौजूद लोगों ने किसी को रस्सी का सहारा दिया तो किसी को कपड़े का, मगर लोगों की संख्या ज्यादा होने की वजह से सभी के एकसाथ बचा पाना काफी मुश्किल था.

लोकल अधिकारियों के मुताबिक ये बस करीब 30 फीट की गहराई में डूब गई. इनके मुताबिक, बस फेरी पर चढ़ने का इंतजार कर रही थी, तभी एक छोटी फेरी पोंटून से टकरा गई, जिससे गाड़ी पानी में गिर गई. हादसे के तुरंत बाद कुछ पैसेंजर तैरकर किनारे पर आ गए, लेकिन कई लोग डूबी हुई बस के अंदर फंसे रहे. घटना की सूचना मिलने पर फायर सर्विस और सिविल डिफेंस के डाइवर्स, रिवर पुलिस और फेरी अथॉरिटीज मौके पर पहुंचे. एक रेस्क्यू वेसल भी तैनात किया गया. यहां ढाका और आस-पास के इलाकों से और डाइविंग टीमें मदद के लिए भेजी गईं. अधिकारियों ने कन्फर्म किया है कि डूबी हुई बस पानी के नीचे मिल गई है. फिलहाल, कुछ ही यात्रियों को जिंदा बचाया जा चुका है.

अपनों के वापस आने की आस में बैठे लोग

बुधवार शाम को राजबाड़ी के दौलतदिया फेरी टर्मिनल पर पद्मा नदी के किनारे, आंखों में आंसू लिए लोगों के घरवाले और रिश्तेदार इकट्ठा हो गए. वे उम्मीद लगाए बैठे थे कि शायद उनका जो अपना इस हादसे का हिस्सा रहा वो जल्द ही वापस लौट जाए. अधिकारियों के मुताबिक, ढाका जा रही इस बस हादसे में दो लोगों की मौत हो गए. यहां पर 10 लोगों को जीवित बचा लिया गया.

यहां मृतकों की पहचान राजबाड़ी के भवानीपुर की रहने वाली रेहाना बेगम और मरजीना बेगम के रूप में हुई. बस में डूबे हुए लोगों के घरवाले अपने लोगों को चिल्लाकर बुलाते रहे. कुश्तिया के एक यात्री का बच्चा और पत्नी भी इस हादसे का शिकार हो गए उन्होंने बताया कि उसने उनसे घर पर ही रहने को कहा था. यात्री ने बताया कि मैंने उनसे कहा था कि वे न आएं. लेकिन मेरी पत्नी ने जिद की अब, मैं क्या करूं? यहां अपने परिवारवालों के इंतजार में एक बच्चा रोता हुआ नजर आया, जो अपने परिजनों का इंतजार कर रहा था.

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