देश में सर्दियां शुरू हो चुकी हैं. ऐसे में लोगों का रुझान व्हिस्की से ज्यादा रम की ओर झुक जाता है. जिसकी वजह से रम की खपत भी साल के बाकी महीनों के मुकाबले में सर्दियों के कुछ महीनों में ज्यादा होती है. ऐसा नहीं कि रम सिर्फ सर्दियों में ही पी जाती है. देश में कई लोग ऐसे भी हैं कि जो गर्मी और बरसात के महीनों में भी (favorite of liquor lovers) इसका लुत्फ लेते हैं, लेकिन जो लोग पूरे साल रम नहीं पीते हैं, वो भी सर्दियों में रम का सेवन करने में हिचकिचाते नहीं है.
ओल्ड मोंक रम एक वैटेड भारतीय डार्क रम है, जिसे 1855 में लॉन्च किया गया था. यह एक विशिष्ट वनीला स्वाद वाली डार्क रम है, जिसमें 42.8 फीसदी अल्कोहल होता है. इसका प्रोडक्शन गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में होता है और इसका रजिस्ट्रेशन सोलन, हिमाचल प्रदेश में है. इसका कोई विज्ञापन नहीं है, इसकी लोकप्रियता वर्ड ऑफ माउथ और ग्राहकों की वफादारी पर निर्भर है. 2013 में ओल्ड मोंक ने मैकडॉवेल्स नंबर 1 सेलिब्रेशन रम के हाथों सबसे ज़्यादा बिकने वाली डार्क रम का अपना दर्जा खो दिया.ओल्ड मोंक कई वर्षों से सबसे बड़ा भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) ब्रांड रहा है.
favorite of liquor lovers – इम्पैक्ट इंटरनेशनल की 2008 की “रिटेल प्राइस पर टॉप 100 ब्रांड्स” की सूची में ओल्ड मोंक को भारतीय स्पिरिट ब्रांडों में 5वां स्थान मिला था, जिसका खुदरा मूल्य 240 मिलियन अमेरिकी डॉलर था. यह छह साइज में 90 मिली, 180 मिली, 375 मिली, 500 मिली, 750 मिली और 1 लीटर की बोतलों में उपलब्ध है. ओल्ड मोंक को 1982 से मोंडे सेलेक्शन्स में गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाता रहा है.

