Lucknow: लखनऊ के जाने-माने कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सीजेएम कोर्ट ने इन तीनों आरोपियों की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत ने इस अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें फिलहाल कोई भी कानूनी राहत देने से साफ इनकार कर दिया है।
सेशन कोर्ट में होगी मामले की सुनवाई
जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए सीजेएम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपियों को बेल देने का कोई ठोस या उचित आधार नहीं है। अदालत के अनुसार, इस गंभीर मामले का पूरा ट्रायल अब सेशन कोर्ट में ही होना है। तीनों आरोपी फिलहाल 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। बेल खारिज होने के बाद अब आरोपियों के वकीलों को राहत पाने के लिए ऊपरी अदालतों का रुख करना होगा। फिलहाल पुलिस इस मामले से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और अदालत में आरोप साबित होना अभी बाकी है।
चौथी मंजिल से गिरकर हुई थी कारोबारी की मौत
यह पूरा विवाद 9 अक्टूबर को हजरतगंज इलाके के प्राग नारायण रोड पर स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में शुरू हुआ था। यहां कैफे संचालक और कारोबारी शिवा शर्मा की अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से नीचे गिरकर संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। शुरुआती दौर में पुलिस ने इसे महज एक हादसा माना था, लेकिन जल्द ही यह मामला बेहद हाई-प्रोफाइल और पेचीदा हो गया। शिवा के परिवार ने इसे हादसा मानने से साफ इनकार करते हुए इसे सोची-समझी हत्या करार दिया।
मां की शिकायत पर दर्ज हुआ हत्या का केस
मृतक शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा ने पुलिस में बाकायदा लिखित शिकायत दर्ज कराई। परिजनों का गंभीर आरोप है कि शिवा के साथ पहले बुरी तरह से मारपीट की गई और फिर उसे जानबूझकर अपार्टमेंट की बालकनी से नीचे फेंक दिया गया। परिवार की इसी शिकायत को आधार बनाते हुए पुलिस ने श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और तनवीर अली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या की एफआईआर दर्ज की।
नागपुर से पकड़े गए थे हत्या के आरोपी
एफआईआर दर्ज होते ही तीनों आरोपी लखनऊ से फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस और यूपी एसटीएफ (UP STF) की संयुक्त टीमों ने आरोपियों की तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की। लंबी लुकाछिपी के बाद पुलिस टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर में दबिश देकर श्रद्धा, रश्मि और तनवीर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लेकर आई और कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब पुलिस वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।


