रांची स्थित राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल ‘रिम्स’ (RIMS) के कार्डियोथोरेसिक (CTVS) विभाग ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। विभाग के चिकित्सकों ने जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) से पीड़ित एक 5 वर्षीय बच्ची की जटिल ओपन हार्ट सर्जरी कर उसे नई जिंदगी दी है। रिम्स के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिशिर कुमार महतो ने बताया कि यह उपचार आयुष्मान योजना के तहत पूरी तरह से नि:शुल्क किया गया है।
🩺 बीमारी और सर्जरी का विवरण
बच्ची जन्म से ही हृदय में छेद (सेप्टल डिफेक्ट) की समस्या से जूझ रही थी, जिसके कारण उसे सांस फूलने, बार-बार निमोनिया होने और वजन न बढ़ने जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। इकोकार्डियोग्राफी और कार्डियक सीटी जांच के बाद चिकित्सकों ने सर्जरी का निर्णय लिया। समय पर हुई इस सर्जरी ने बच्ची को भविष्य में होने वाली गंभीर फेफड़ों की जटिलताओं से बचा लिया है। ऑपरेशन के बाद अब बच्ची की स्थिति स्थिर है और उसमें सुधार के लक्षण देखे जा रहे हैं।
🎂 अस्पताल में मना बच्ची का जन्मदिन
इस सफल सर्जरी के बाद, विभाग ने 28 मई को अस्पताल परिसर में ही बच्ची का पांचवां जन्मदिन बड़ी स्नेह और उल्लास के साथ मनाया। यह पल न केवल बच्ची के लिए बल्कि उसके परिजनों के लिए भी बेहद भावुक और खुशी भरा रहा। मरीज के परिजनों ने सफल उपचार और चिकित्सकों द्वारा दी गई संवेदनशील देखभाल के लिए रिम्स प्रबंधन का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
👨⚕️ कुशल डॉक्टरों की टीम का सराहनीय कार्य
इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश चौधरी ने किया। कार्डिएक एनेस्थीसिया टीम का कुशल नेतृत्व प्रो. डॉ. शिव प्रिये और डॉ. मुकेश कुमार ने संभाला। इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में रेजिडेंट डॉक्टरों, ओटी असिस्टेंट्स, परफ्यूजनिस्ट और नर्सिंग स्टाफ ने अत्यंत समन्वित और सराहनीय भूमिका निभाई। जल्द ही बच्ची पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट जाएगी।
संपादकीय टिप्पणी: रिम्स जैसे सरकारी अस्पतालों में इस प्रकार की जटिल सर्जरी की सफलता यह दर्शाती है कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और योग्य चिकित्सकों के समन्वय से आम लोगों का जीवन कैसे सुधारा जा सकता है। क्या आपको लगता है कि इस तरह के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ को राज्य के अन्य जिलों में भी विकसित किया जाना चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।


