हजारीबाग जिले में अवैध खनन, लॉटरी और नशीले पदार्थों का कारोबार इस कदर हावी हो गया है कि प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। आलम यह है कि सरकारी राजस्व को चूना लगाकर माफिया बेधड़क अपना धंधा चला रहे हैं। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, सांसद मनीष जायसवाल और बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने इस पर गहरी चिंता जताते हुए वर्तमान सरकार पर माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।
🚚 बालू और कोयले का अवैध खेल
अवैध खनन का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरे बड़कागांव इलाके में बालू घाटों की नीलामी न होने के बावजूद अवैध उठाव बदस्तूर जारी है। हजारीबाग-बड़कागांव रोड पर देर रात से शुरू होने वाला बालू लदी गाड़ियों का सिलसिला सुबह तक चलता है। वहीं, अवैध कोयला खनन का कारोबार भी पूरे जिले में तेजी से फैल रहा है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासन की मिलीभगत के बिना यह अवैध खेल इतने बड़े स्तर पर संभव नहीं है।
🗣️ जनप्रतिनिधियों का सरकार पर प्रहार
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केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी: उन्होंने कहा कि सरकार में इच्छाशक्ति की कमी है। युवा नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं और अवैध कारोबार से राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।
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सांसद मनीष जायसवाल: उनके अनुसार, यह सिर्फ हजारीबाग की समस्या नहीं बल्कि पूरे झारखंड की तस्वीर है। प्रशासन की शह पर खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
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विधायक रोशन लाल चौधरी: उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़कागांव में माफियाओं के मन से प्रशासन का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है और जनप्रतिनिधियों की आवाज़ के बावजूद सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
📉 पर्यावरण और राजस्व को नुकसान
अवैध खनन न केवल सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगा रहा है, बल्कि यह क्षेत्र के पर्यावरण को भी नष्ट कर रहा है। हजारीबाग से अन्य जिलों तक अवैध बालू की खेप पहुंचाई जा रही है, लेकिन कोई भी पदाधिकारी इस पर कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। अब देखना यह है कि जनप्रतिनिधियों के इस कड़े विरोध के बाद सरकार क्या कदम उठाती है।
संपादकीय टिप्पणी: अवैध कारोबार किसी भी क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को खोखला कर देते हैं। क्या आपको लगता है कि इस समस्या के समाधान के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच (जैसे CBI या SIT) जरूरी है ताकि माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों के गठजोड़ का पर्दाफाश हो सके? अपने विचार नीचे साझा करें।


