प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड की शुरुआत झारखंड की राजधानी रांची से की। उन्होंने रांची में आयोजित राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के दौरान 100 मीटर दौड़ में तीन बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनने की घटना का विशेष उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर एथलीट गुरिंदर और अनिमेष से बातचीत की और उनके कठिन परिश्रम की सराहना की। एथलीटों ने बताया कि कैसे वे ट्रैक पर एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी होने के बावजूद मैदान के बाहर घनिष्ठ मित्र हैं और एक-दूसरे को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं।

🤝 स्वस्थ स्पर्धा: ‘ट्रैक पर प्रतिद्वंद्वी, मैदान के बाहर दोस्त’

गुरिंदर और अनिमेष की कहानी युवाओं के लिए एक मिसाल है। प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में उन्होंने साझा किया कि जीवन में तकलीफों के बावजूद ऊंचे सपने देखना नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय एथलीट अब 100 मीटर दौड़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने में सक्षम हैं। पीएम मोदी ने उनकी खेल भावना को सराहा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

🏛️ रांची भाजपा कार्यालय में गूंजी ‘मन की बात’

रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में ‘मन की बात’ के प्रसारण को बड़े उत्साह के साथ सुना गया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। बाबूलाल मरांडी ने कार्यक्रम को ‘प्रेरणा का स्रोत’ बताते हुए कहा कि इसमें शामिल विविध कहानियां देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रोत्साहित करती हैं।

राजनीतिक हलचल: अन्य अहम मुद्दे

  • अभिषेक बनर्जी पर हमला: बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले की निंदा की और इसे लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना से भाजपा का कोई संबंध नहीं है।

  • राज्यसभा चुनाव व दौरा: पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के 6 और 7 जून के प्रस्तावित रांची दौरे को उन्होंने पूर्व-निर्धारित बताया। उन्होंने साफ किया कि राज्यसभा चुनाव को लेकर केंद्रीय नेतृत्व ही अंतिम निर्णय लेगा।

संपादकीय टिप्पणी: खेल जगत की इन छोटी कहानियों को ‘मन की बात’ जैसे बड़े मंच पर स्थान मिलना ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़ा प्रोत्साहन है। क्या आपको लगता है कि ऐसे प्रयासों से भारत में एथलेटिक्स के प्रति युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ेगा? अपने विचार नीचे साझा करें।

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