छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम की मेयर-इन-काउंसिल (MIC) की बैठक बुधवार को महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक में शहर के समग्र विकास, नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने और बकाया संपत्तिकर के समाधान के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू करने समेत कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक के दौरान भाटागांव में सब्जी व्यापारियों के साथ हुई कार्रवाई का मुद्दा गर्माया, जिस पर महापौर अधिकारियों पर जमकर बरसीं। उन्होंने दो टूक निर्देश दिए कि ऐसी कोई भी कार्रवाई न की जाए जिससे शासन और नगर निगम की छवि धूमिल हो, तथा अधिकारियों को जनता के प्रति अधिक संवेदनशील रहने को कहा।

📋 बकाया संपत्तिकर के लिए लागू होगी OTS योजना, अवैध नल कनेक्शनों को वैध करने का भी लिया गया निर्णय

एमआईसी बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के तहत निगम क्षेत्र में बकाया संपत्तिकर के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (OTS) योजना को मंजूरी दी गई। शहर की लगभग 3.50 लाख पंजीकृत संपत्तियों में से करीब 2.50 लाख लोग नियमित कर भर रहे हैं, जबकि बकायादारों को निर्धारित अवधि में भुगतान करने पर ब्याज और अधिभार में छूट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, शहर में संचालित अवैध और मिसिंग नल कनेक्शनों को निर्धारित शुल्क लेकर वैध करने तथा उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स आईडी से लिंक करने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे निगम के राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त किया जा सके।

🍲 महादेवघाट में बनेगा स्ट्रीट फूड हब, मोवा गारमेंट फैक्ट्री के पुनर्जीवन से 500 युवाओं को मिलेगा रोजगार

रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की मार्गदर्शिका के तहत महादेवघाट स्थित विसर्जन कुंड के पास लगभग 198.80 लाख रुपये की लागत से एक आधुनिक ‘स्ट्रीट फूड हब’ विकसित करने का फैसला लिया गया है, जिससे वेंडर्स को व्यवस्थित जगह मिल सके। साथ ही, मोवा स्थित गारमेंट फैक्ट्री को पीपीपी (PPP) मॉडल पर पुनर्जीवित कर आधुनिक मशीनों की स्थापना का निर्णय लिया गया है, जिसके जरिए करीब 500 नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। एम्स रायपुर के पास आने वाले गरीब मरीजों के परिजनों के लिए एक किफायती पेइंग गेस्ट हाउस बनाने की योजना को भी हरी झंडी दिखा दी गई है।

🌳 पार्कों का सौंदर्यीकरण, तालाबों का जीर्णोद्धार और विभिन्न चौराहों व मार्गों के नामकरण को मिली स्वीकृति

शहर के सौंदर्यीकरण और जनसुविधाओं के विस्तार के तहत अमृत मिशन 2.0 के तहत अमृत विहार शीतला तालाब के जीर्णोद्धार पर 4.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दिव्यांगजनों के लिए लगभग 9.99 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य दिव्यांग समावेशी पार्क बनाया जाएगा। इसके अलावा, कलेक्टोरेट चौक का नाम बदलकर ‘भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक’ करने, सरदार पटेल की प्रतिमा स्थापना, तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बूजलाल शर्मा और पंकज शर्मा के नाम पर सड़कों व उद्यानों के नामकरण के प्रस्तावों को भी सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया गया है।

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