मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संभावित बालाघाट दौरे से ठीक पहले जिले के बैगा बहुल आदिवासी क्षेत्रों में फैली संक्रामक बीमारियों ने एक और मासूम की जिंदगी छीन ली है। उकवा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुंदरवाही गांव की रहने वाली 11 वर्षीय बालिका सुषमा मर्सकोले की बुधवार रात करीब दो बजे जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस ताजा घटना के बाद से स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

🏥 मलेरिया के साथ मल्टीपल डिसीज से पीड़ित थी मासूम, छह दिन से जिला अस्पताल में चल रहा था इलाज

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. शत्रुघ्न दाहिया ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृत बालिका को गंभीर मलेरिया की शिकायत थी, जिसके चलते उसे छह दिन पहले ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉ. दाहिया के अनुसार, सुषमा को मलेरिया के साथ-साथ ‘मल्टीपल डिसीज’ (अनेक गंभीर बीमारियां) भी थीं। डॉक्टरों के निरंतर प्रयासों से मलेरिया तो नियंत्रण में आ गया था, लेकिन अन्य शारीरिक जटिलताओं और गंभीर संक्रमण के कारण बालिका लगातार अचेत अवस्था में थी, अंततः बुधवार देर रात उसने दम तोड़ दिया। रात ढाई बजे ही परिजन एंबुलेंस के जरिए शव लेकर अपने पैतृक गांव पहुंचे, जहां आज उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

📊 आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुली, जिले में अब तक 34 बच्चों की मौत का आंकड़ा पहुंचा

उल्लेखनीय है कि बैहर और बिरसा विकासखंड के सुदूरवर्ती आदिवासी बैगा क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से मलेरिया, खसरा, कुपोषण और अन्य अज्ञात संक्रामक बीमारियों का प्रकोप लगातार जारी है, जिसके कारण अब तक विभिन्न इलाकों में कुल 34 बच्चों की मौत हो चुकी है। हालांकि, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बैहर से कांग्रेस विधायक संजय उइके इन मौतों का आंकड़ा 43 तक होने का गंभीर दावा कर चुके हैं। प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की इस बदहाली को देखने के लिए आज गुरुवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी विशेष रूप से प्रभावित गांव ‘जगला’ पहुंच रहे हैं, जहां वे बीमारी से जान गंवाने वाले बच्चों के शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात करेंगे।

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