काठमांडू/नई दिल्ली: नेपाल में आई भीषण और प्रलयंकारी बाढ़ ने व्यापक स्तर पर तबाही मचाई है, जिसकी चपेट में स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में भारतीय और विदेशी नागरिक भी आ गए हैं।

विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र के निकट आई अचानक बाढ़ के बाद से 275 भारतीय नागरिक अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।

राहत की बात यह है कि अब तक 166 भारतीयों को आपदा प्रभावित दुर्गम क्षेत्रों से सकुशल बचा लिया गया है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि चीन के रास्ते नेपाल आने वाले 1,907 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से नेपाल पहुंच चुके हैं और अब चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कोई भी भारतीय तीर्थयात्री या पर्यटक फंसा हुआ नहीं है।

🚨 1295 तक पहुंची मृतकों की संख्या: 12 हजार से अधिक लोगों का रेस्क्यू, 5000 अब भी गायब

बाढ़ से मची तबाही और आधिकारिक आंकड़े:

  • भारी जनहानि: नेपाल के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, जलप्रलय के बाद मलबे और नदियों से लगातार शव निकाले जाने के कारण अब तक मृतकों की कुल संख्या बढ़कर कम से कम 1,295 हो चुकी है।

  • सघन रेस्क्यू ऑपरेशन: सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन दलों ने अत्यंत विषम परिस्थितियों में अभियान चलाकर 12,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

  • हजारों की तलाश जारी: अधिकारियों के अनुसार, लगभग 5,000 स्थानीय व बाहरी लोग अब भी लापता दर्ज हैं, जिसके चलते खोज एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

🤝 नेपाल सरकार के साथ निरंतर संपर्क में भारत: MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दी जानकारी

राजनयिक समन्वय और राहत प्रयासों की स्थिति:

  • करीबी समन्वय: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विशेष प्रेस वार्ता में बताया कि भारत सरकार लापता नागरिकों की सुरक्षा को लेकर नेपाल के संबंधित प्रशासनिक विभागों से लगातार संपर्क बनाए हुए है।

  • नेपाली प्रशासन के प्रयासों की सराहना: जायसवाल ने कहा कि भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाली सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा है।

  • सुरक्षित निकासी की पुष्टि: प्रवक्ता ने दोहराया कि 1,907 भारतीय चीन सीमा पार कर सुरक्षित नेपाल की सीमा में दाखिल हो चुके हैं और शेष लापता 275 नागरिकों का पता लगाने के लिए सभी तकनीकी व जमीनी संसाधन झोंक दिए गए हैं।

✈️ भारत ने भेजी 95 टन राहत सामग्री: टनल विशेषज्ञ, फॉरेंसिक टीम और मेडिकल यूनिट तैनात

भारत की ‘ऑपरेशन मैत्री’ शैली की सहायता:

  • 7 विमानों से राहत खेप: 26 अगस्त को अचानक आई इस आपदा के बाद से भारत सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए सात विशेष सैन्य परिवहन विमानों के माध्यम से करीब 95 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचाई है।

  • बेली ब्रिज और फॉरेंसिक किट: नेपाल सरकार की मांग के आधार पर टूटे संपर्कों को जोड़ने के लिए बेली पुल (Bailey Bridges), उन्नत फॉरेंसिक जांच किट्स और अन्य जीवनरक्षक दवाएं भेजने की प्रक्रिया चल रही है।

  • 54 सदस्यीय विशेषज्ञ दल: केवल सामग्री ही नहीं, बल्कि भारत ने रेस्क्यू ऑपरेशन को गति देने के लिए 54 कुशल विशेषज्ञों का दल भी भेजा है।

  • विशेषज्ञ विंग: इस विशेष टीम में 30 टनल रेस्क्यू स्पेशलिस्ट, 19 फॉरेंसिक विशेषज्ञ और 5 सदस्यीय वरिष्ठ आपातकालीन मेडिकल यूनिट शामिल हैं, जो ग्राउंड जीरो पर नेपाली टीमों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रहे हैं।

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