काठमांडू : बुधवार को तिब्बत की ओर से आई अचानक भीषण बाढ़ ने नेपाल की भोटेकोशी नदी में ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते चारों तरफ (devastating flood from tibet) हाहाकार मच गया। रिपोर्टों के अनुसार अब तक 98 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
devastating flood from tibet – सैकड़ों विदेशी नागरिक लापता हैं, जिनके लिए युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। संकरी घाटियों और तेज बहाव के बीच पानी का स्तर सुनामी की तरह बढ़ा, जिसने मकान, दुकानें और सड़कों को पूरी तरह लील लिया।
नेपाल ट्रेकिंग एजेंसी के अध्यक्ष सागर पांडे के अनुसार, बाढ़ का वेग इतना तीव्र था कि रास्ते में आने वाले सभी लॉज, होटल, निजी वाहन और बुनियादी ढांचा पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। पहाड़ी मार्गों का संपर्क कट चुका है और बुनियादी रास्तों का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो गया है। चीन और अन्य देशों से आए ट्रेकर्स व स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित निकलने का अवसर तक नहीं मिल सका।
1000 से ज्यादा लोगों के बहने की आशंका
तिब्बत सीमा से आई इस आपदा में 1,000 से अधिक लोगों के बह जाने की गंभीर आशंका व्यक्त की जा रही है। अकेले रसुवा जिले में सबसे व्यापक तबाही हुई है, जहां 400 से अधिक पर्यटक लापता हैं। लापता पर्यटकों में 300 से ज्यादा विदेशी नागरिक हैं, जिनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
