भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में अपनी कैबिनेट के मंत्रियों के एक-एक काम का कड़ा हिसाब लिया। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से सीधे सवाल किया कि उनके प्रभार वाले जिलों में अब तक कितना विकास कार्य हुआ है और सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाएं व नीतियां समाज के सबसे निचले हिस्से (अंतिम छोर के व्यक्ति) तक कितनी पहुंच पाई हैं। उन्होंने मंत्रियों से स्पष्ट पूछा कि उनके संबंधित विभागों के कामों की वर्तमान जमीनी स्थिति क्या है और अब तक की मुख्य उपलब्धियां क्या रहीं। इसके साथ ही सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों से यह भी पूछा कि विधानसभा चुनाव के समय जो संकल्प और वायदे जनता से किए गए थे, वे समय-सीमा में कितने पूरे हुए हैं। इसी कड़ी में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी सत्ता और संगठन के बीच आपसी तालमेल को जांचा व संगठन की बैठकों की प्रगति जानी।
🤝 20 मंत्रियों से हुई मैराथन ‘वन-टू-वन’ चर्चा: प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल बोले—सरकार और संगठन के समन्वय की हुई समीक्षा
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बैठक के ब्योरे की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सह-संगठन मंत्री सहित वरिष्ठ नेतृत्व ने करीब 20 मंत्रियों से व्यक्तिगत रूप से ‘वन-टू-वन’ विस्तृत चर्चा की है। इस उच्च स्तरीय बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने मंत्रियों से पूछा कि सरकार और संगठन का जमीनी समन्वय कैसा चल रहा है, प्रभार वाले जिलों में उनके अब तक कितने संगठनात्मक प्रवास (दौरे) हुए हैं और उन प्रवासों के दौरान संगठन के जो तय कार्यक्रम व रचना थी, उनकी नियमित बैठकें आयोजित की गईं या नहीं। खंडेलवाल ने बताया कि जहां तक मंत्रियों के विभागों और उनकी समीक्षा का प्रश्न है, उन सभी शासकीय विषयों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद मंत्रियों से सीधी बातचीत कर प्रगति रिपोर्ट देखी।
🏫 आंगनवाड़ी, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति पर सवाल: जमीनी असर जानने के साथ ही पीएम मोदी के ‘ईंधन बचत’ आह्वान पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रियों से कड़े सवाल पूछते हुए कहा कि जब वे अपने प्रभार के जिलों के दौरे पर जाते हैं, तो वहां के सरकारी स्कूलों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनवाड़ियों की वास्तविक स्थिति क्या रहती है? सरकार जो नीतियां बना रही है, उसका ब्लॉक और विलेज स्तर पर कितना सकारात्मक असर दिख रहा है। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कार्यकर्ताओं और नागरिकों से तीन-चार महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष अपेक्षा की है, जैसे—पेट्रोल-डीजल का कम से कम खर्च करना, सार्वजनिक वाहनों का अधिक उपयोग करना, वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देना। इसी नीति के तहत भाजपा की कोर टीम की आगामी आपातकालीन बैठक भी वर्चुअली आयोजित की जाएगी ताकि देश के संसाधनों की बचत हो सके।
🗓️ आज भी शेष 11 मंत्रियों की होगी क्लोज-डोर समीक्षा: निगम-मंडल के अध्यक्षों को मुख्यमंत्री देंगे ‘आदर्श आचरण’ की ट्रेनिंग
संगठनात्मक सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने बताया कि आज सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक जो शेष 10-11 मंत्री रह गए हैं, उनके साथ भी नेतृत्व ‘वन-टू-वन’ मीटिंग कर उनके कार्यों की समीक्षा करेगा। अभी तक सिर्फ मंत्रिमंडल के सदस्यों के कामों और प्रभार के जिलों में संगठन की गतिविधियों को लेकर कोर कमिटी की लगातार बैठकें हुई हैं। इसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के सभी निगम-मंडल के नवनियुक्त अध्यक्षों को एक विशेष ओरिएंटेशन (ट्रेनिंग) के लिए बुलाया है। इस संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उन्हें सिखाएंगे कि जनता के साथ उनका समन्वय कैसा होना चाहिए, उनका प्रशासनिक और व्यक्तिगत आदर्श आचरण कैसा रहे और संगठन व सरकार के बीच वे किस प्रकार एक मजबूत संतुलन बनाकर काम करें। संगठन से जुड़े अन्य विषयों पर प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह चर्चा करेंगे।


