शिवपुरी : मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक ऐसा हैरान और भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा अब पूरे देश में हो रही है। अमूमन समाज में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके (elderly man organized his death feast while alive) परिजन या बच्चे मृत्यु भोज या भंडारे का आयोजन करते हैं। लेकिन शिवपुरी के करैरा क्षेत्र के हाजीनगर गांव में रहने वाले एक बुजुर्ग ने जीते जी अपना मृत्यु भोज आयोजित कर डाला। इस अनोखे और अभूतपूर्व आयोजन में गांव और आसपास के इलाकों से करीब 7 हजार लोग शामिल हुए और भोजन प्रसाद ग्रहण किया।
🌊 प्रयागराज जाकर खुद किए सारे कर्मकांड
हाजीनगर गांव के रहने वाले 60 वर्षीय कल्याण पाल अपने माता-पिता के इकलौते बेटे हैं। उन्होंने जीवनभर शादी नहीं की और वह अकेले ही जीवन बसर करते हैं। अविवाहित होने के कारण कल्याण पाल के मन में लंबे समय से एक ही चिंता घर कर गई थी कि उनके मरने के बाद उनका अंतिम संस्कार कौन करेगा? उनके (elderly man organized his death feast while alive) जाने के बाद हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार जरूरी कर्मकांड, पिंडदान और भंडारा कौन कराएगा? इसी अकेलेपन और चिंता के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
💌 सोशल मीडिया पर वायरल हुआ निमंत्रण कार्ड
इस अजीबोगरीब आयोजन से पहले कल्याण पाल ने बाकायदा बरात या अन्य उत्सवों की तरह बकायदा निमंत्रण पत्र (कार्ड) छपवाकर रिश्तेदारों और ग्रामीणों को आमंत्रित किया था। यह कार्ड सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ था, जिस पर स्पष्ट लिखा था- “अपना अपने सामने अंतिम गंगा पूजन, भंडारा।” कार्ड पर नीचे छपी एक दर्दभरी शायरी ने भी लोगों का खूब ध्यान खींचा, जिस पर लिखा था- “मुझे तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था, मेरी कश्ती वहां डूबी जहां पानी कम था।”


