सासाराम: बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन से सोमवार सुबह एक बेहद डराने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहाँ प्लेटफार्म संख्या 6 पर प्रस्थान के लिए तैयार खड़ी सासाराम-पटना फास्ट पैसेंजर (ट्रेन संख्या 53212) के एक कोच में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें इतनी तेज और विकराल हो गईं कि ट्रेन की पांचवीं बोगी पूरी तरह जलकर राख हो गई, जबकि चौथी बोगी का पिछला हिस्सा भी इस आग की चपेट में आ गया। स्टेशन पर अचानक हुई इस खौफनाक घटना के बाद परिसर में मौजूद यात्रियों के बीच भारी दहशत फैल गई और जान बचाने के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
⏳ सुबह पौने छह बजे शौचालय से उठा घना धुआं: मॉर्निंग वॉक कर रहे लोगों ने शोर मचाकर यात्रियों को किया अलर्ट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार सुबह लगभग पौने छह बजे की है। रोजाना की तरह यह ट्रेन प्लेटफार्म नंबर 6 पर पटना के लिए रवाना होने वाली थी, जिसके चलते कुछ यात्री कोच में बैठ रहे थे और कुछ प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे। इसी दौरान अचानक बी-3 कोच के शौचालय (टॉयलेट) से अचानक घना और काला धुआं निकलने लगा। रेलवे स्टेशन के पास ही मॉर्निंग वॉक कर रहे स्थानीय लोगों की नजर जैसे ही बोगी से उठते धुएं पर पड़ी, उन्होंने अनहोनी की आशंका में तुरंत जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे बोगी के अंदर बैठे लोग सतर्क हो गए।
🤝 टला बड़ा रेल हादसा, सभी यात्री सुरक्षित: रेलवे कर्मियों और फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझाई आग
खुशकिस्मती यह रही कि ट्रेन सुबह 6:45 बजे पटना के लिए खुलने वाली थी, इसलिए घटना के वक्त बोगी में ज्यादा भीड़ नहीं थी और अधिकांश सीटें खाली थीं। आग की खबर आग की तरह फैलते ही रेलवे कर्मियों और सुरक्षा बलों ने त्वरित तत्परता दिखाते हुए बोगी के अंदर मौजूद यात्रियों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला और पूरे प्लेटफार्म को खाली करा दिया। रेलवे स्टाफ, स्थानीय मजदूरों और सूचना पाकर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। इस प्रशासनिक मुस्तैदी के कारण एक बहुत बड़ा रेल हादसा टल गया और किसी भी यात्री के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है।
🔬 डीडीयू डिवीजन के बड़े अधिकारी जांच में जुटे: शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी हो सकती है आग की मुख्य वजह
इस हादसे की जानकारी मिलते ही पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू (DDU) रेल डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं। रेलवे विभाग द्वारा की गई शुरुआती जांच में आग लगने की प्राथमिक वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट या कोई अन्य गंभीर तकनीकी खराबी मानी जा रही है। रेलवे प्रशासन इस बात का पता लगाने के लिए मामले की गहन और उच्च स्तरीय जांच कर रहा है कि कहीं इसमें किसी की लापरवाही तो शामिल नहीं थी।
🗣️ चश्मदीद यात्रियों ने लगाया लापरवाही का आरोप: समय रहते नहीं मिले अग्निशमन यंत्र, जलने के बाद बोगी को किया अलग
वहीं दूसरी तरफ, घटना के बाद सासाराम स्टेशन पर मौजूद चश्मदीद यात्रियों ने रेलवे प्रशासन की व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई। यात्रियों का साफ कहना था कि ट्रेन में अगर आग की शुरुआत होते ही उसे बुझाने के लिए पर्याप्त पानी और अग्निशमन यंत्रों (Fire Extinguishers) का सही समय पर प्रयोग हुआ होता, तो इतने बड़े नुकसान से आसानी से बचाया जा सकता था। शुरुआती समय में मुस्तैदी न दिखने के कारण देखते ही देखते ट्रेन की पूरी बोगी आग के गोले में तब्दील हो गई। फिलहाल आग से पूरी तरह नष्ट हो चुकी बोगी को क्रेन और तकनीशियनों की मदद से मुख्य ट्रेन से काटकर अलग कर दिया गया है।


