उत्तराखंड : धामी सरकार ने सरकारी और अर्ध सरकारी कार्यालयों में समय पर न पहुंचने वाले अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ कारवाई के निर्देश दिए हैं। विभागाध्यक्षों को अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक से हाजिरी लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि लेटलतीफ (Late Lateif) आने वाले कर्मचारियों पर एक्शन लिया जा सके।या यह कह सकते है की अब लेटलतीफ लोगो की शामत आ गई है।
बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुबह दस बजे अचानक आरटीओ दफ्तर का मुआयना किया। वहां के हाल देख उनका पारा गरम हो गया। उन्होंने मुख्य सचिव डा. एसएस संधु को सभी सरकारी व अर्ध सरकारी कार्यालयों में समय पर न पहुंचने वाले अफसर और कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कारवाई की हिदायत दी।
सीएम धामी ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता जनता की सेवा करना है। जनता से सीधे जुड़े दफ्तरों में जब अफसर ही वक्त पर नहीं (Late Lateif) पहुंचेंगे तो उन्हें कैसे सहूलियत मिल पाएंगी। उन्होंने दफ्तरों में अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक के जरिए हाजिरी लगवाने को कहा, ताकि देर से आने वाले कर्मचारी चिन्हित किए जा सके।
इसे भी पढ़ें – दूसरे कार्यकाल में धामी हुए सख्त, लापरवाह अफसरों की खैर नहीं
मुख्यमंत्री आवास व सचिवालय स्टाफ को सबसे पहले वक्त पर दफ्तर पहुंचने की हिदायतें मिली। इसके जरिए सीएम धामी ने अन्य विभागों के अफसर और कर्मचारियों को भी संदेश देने की कोशिश की। दरअसल, जब भी सीएम धामी राजधानी के बाहर के दौरे पर होते हैं तो कर्मचारी भी फुर्सत में दफ्तर पहुंचते हैं।
इसे भांपते हुए मुख्यमंत्री की अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बाकायदा सरकुलर जारी करते हुए सभी अफसर और कर्मचारियों को सुबह साढ़े नौ बजे तक दफ्तर न पहुंचने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कारवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद अब स्टाफ निर्धारित समय पर पहुंचने लगे हैं।
इसे भी पढ़ें – बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब , हरिद्वार में कई जगह ट्रैफिक डायवर्ट
प्रदेश की जनता को ठीक प्रकार से सुविधाएं मिले, लिहाजा जो भी दफ्तरों को खुलने का वक्त है। अफसर और कर्मचारी निर्धारित समय पर ही पहुंचे। आरटीओ को लेकर कुछ दिनों से शिकायतें मिल रही थी, जबकि सरकार पहली भी सभी कर्मचारियों को वक्त पर पहुंचने का सरकुलर जारी कर चुकी थी। दफ्तरों में जो भी गैर हाजिर अफसर व कर्मचारी मिलेंगे, उनके विरुद्ध कारवाई के निर्देश दिए गए हैं।

