देहरादून/नई दिल्ली : उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहनकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के जारी प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे निलंबित कांस्टेबल शेर सिंह का एक नया वीडियो सामने आने के (suspended constable Sher Singh) बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
वायरल वीडियो में शेर सिंह पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा खुद को ‘हिस्ट्रीशीटर’ बताए जाने पर पूरी तरह बिफर पड़े हैं। उन्होंने सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी अधिकारी को हवा में हिस्ट्रीशीट का टैग देने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है और सही समय आने पर वे जिम्मेदार अधिकारियों का पूरा कच्चा चिट्ठा जनता के सामने खोलेंगे।
अदालत से हो चुका हूं निर्दोष साबित – शेर सिंह
हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र स्थित बहादुरपुर जट्ट गांव के निवासी शेर सिंह का कहना है कि सस्पेंशन के बाद मामला कोर्ट में गया था, जहां वे पूरी तरह निर्दोष साबित हो चुके हैं। शेर सिंह का दावा है कि उनके बेगुनाह होने के ठोस सबूत के तौर पर अदालत के आदेश की प्रति उनके पास सुरक्षित मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी मनमाने ढंग से उन पर हिस्ट्रीशीटर का ठप्पा लगा रहे हैं, जिसका करारा जवाब वे सही वक्त आने पर देंगे।
कौन हैं निलंबित सिपाही शेर सिंह?
रुड़की के पास बहादुरपुर जट्ट गांव के रहने वाले शेर सिंह का विवादों से पुराना और गहरा नाता रहा है। शेर सिंह पूर्व में आईजी गढ़वाल के गनर के रूप में भी तैनात रह चुके हैं। वर्ष 2025 में उन्हें ड्यूटी में घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों के बाद सस्पेंड कर दिया गया था।
suspended constable Sher Singh – लगभग 7-8 महीने पहले देहरादून एसटीएफ (STF) ने जमीन के संदिग्ध लेन-देन से जुड़े एक बड़े मामले में कुख्यात प्रवीन बाल्मिकी गैंग की मुखबिरी करने के आरोप में शेर सिंह को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। इसके अलावा शेर सिंह सोशल मीडिया पर भीम आर्मी से जुड़े वीडियो लगातार शेयर करते रहते हैं।


