उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी दूसरे कार्यकाल (Second Inning) में सख्त नजर आ रहे हैं। सरकार के कार्यकाल को अभी दो माह भी पूरे नहीं हुए लेकिन इस बीच धामी ने लापरवाह अफसरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।धामी ने अपने दूसरे कार्यकाल में मुख्यमंत्री के रूप में 23 मार्च को शपथ ली थी। अब तक के 58 दिन के कार्यकाल के भीतर उन्होंने भ्रष्टाचार पर अंकुश और पारदर्शी नीति लागू करने को प्राथमिकता दी। इसके लिए वे टोल फ्री नंबर 1064 भी जारी कर चुके हैं, ताकि दूर-दराज का कोई भी व्यक्ति रिश्वत लेने वाले अफसर और कर्मचारी की सूचना इस नंबर पर दे सके।
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Second Inning – अन्य गंभीर अनियमितताओं के आरोप में वे दो वरिष्ठ आईएफएस अफसरों को सस्पेंड भी कर चुके हैं। इन्हें जबरिया रिटायरमेंट देने के लिए प्रस्ताव भी भेजा गया है। मुख्यमंत्री धामी का साफ कहना है कि भ्रष्टाचार में लिप्त चाहे कोई छोटा हो या बड़ी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।उत्तराखंड कर्मकार बोर्ड में साइकिल घपला खरीद की जांच विभाग ने एसआईटी से कराने की सिफारिश की है। भाजपा सरकार के पहले कार्यकाल में बोर्ड में यह घपला सामने आया था । विभाग ने सरकार से इसकी एसआईटी जांच की सिफारिश की थी लेकिन काफी वक्त पर संबंधित फाइल पर कोई फैसला नहीं हो पाया।
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अब तक की ठोस कार्रवाई
● दो वरिष्ठ आईएफएस सस्पेंड, एक संबद्ध
● सहकारिता में चार एआर व चार महाप्रबंधक हटाए
● सहकारिता में ही एक जीएम व एक एआर के विरुद्ध प्रतिकूल टिप्पणी
● ऋषिकेश और चंपावत के पूर्व अधिशासी अभियंताओं से वसूली
● हेमकुंड रोपवे बनाने की बैंक गारंटी फर्जी पाए जाने पर मुकदमा
● भ्रष्टाचार पर अकुंश व पारदर्शी नीति को टोल फ्री नंबर 1064 किया जारी

