भूख किसी भी चीज की हो, सेहत को खराब कर ही देती है. कुछ ऐसी ही भूख देश के लोगों में अक्टूबर के महीने में देखने को मिली. जिसकी वजह से अक्टूबर के महीने में देश का गणित बिगड़ता हुआ दिखाई दिया. जो कि आने वाले दिनों में देश की इकोनॉमी की सेहत भी खराब कर सकती है. वास्तव में अक्टूब के महीने में गोल्ड इंपोर्ट में रिकॉर्ड (GDP is in danger) इजाफा देखने को मिला. जिसने देश के इंपोर्ट में ऊंचाई पर ले गया और देश के फिस्कल डेफिसिट भी रॉकेट की रफ्तार से बढ़ा. जोकि देश की सेहत के लिए भी अच्छा नहीं है. लेकिन ताज्जुब की बात तो ये है कि इससे पहले गोल्ड को लेकर ऐसी भूख कभी देखने को मिली, वो भी ऐसे समय में जब गोल्ड की कीमतें लाइफ टाइम पर पहुंच गई थी. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर गोल्ड इंपोर्ट को लेकर किस तरह की खबरें सामने आई हैं.
कॉमर्स मिनिस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में देश का सोने का इंपोर्ट लगभग तीन गुना बढ़कर 14.72 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया, जिसका मुख्य कारण त्योहारों और शादियों की बढ़ती मांग रही. अक्टूबर 2024 में सोने का आयात 4.92 अरब अमेरिकी डॉलर रहा. कुल मिलाकर, इस वित्त वर्ष में अप्रैल-अक्टूबर (GDP is in danger) के दौरान आयात 21.44 फीसदी बढ़कर 41.23 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 34 अरब अमेरिकी डॉलर था. सोने के आयात ने देश के व्यापार घाटे (आयात और निर्यात के बीच का अंतर) को अक्टूबर में 41.68 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा दिया है. देश की राजधानी दिल्ली में सोने की कीमतें 1.29 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास मंडरा रही हैं.

