धमतरी: जिले के नगरी थाना क्षेत्र में मछली कारोबारी विप्लव मंडल की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 48 घंटे में पर्दाफाश कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात को किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि मृतक के (murder of fish trader revealed) यहाँ काम करने वाले मजदूरों ने ही अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिगों समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
murder of fish trader revealed – व्यापारी विप्लव मंडल शनिवार को बाजार से मछली बेचकर घर लौट रहा था। गोरेगांव-भैंसामुड़ा मार्ग के सुनसान जंगल में पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने रास्ता रोका और उन पर डंडों व चाकुओं से हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, मृतक पर 30 से अधिक बार चाकू से वार किए गए। चौंकाने वाली बात यह है कि विप्लव के साथ बाइक पर बैठा उनका सहयोगी भी इस पूरी साजिश का हिस्सा था, जिसने हमले को लूट का रंग देने के लिए स्वयं पर मिर्च पाउडर डालने का नाटक रचा था।
मजदूरी और अपमान का बदला
जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से अपनी मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे, जिसे व्यापारी द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, विप्लव का उनके प्रति अपमानजनक व्यवहार और गाली-गलौज भी हत्या की मुख्य वजह बनी। आरोपियों ने इससे पहले 25 जून को भी उन्हें मारने की कोशिश की थी, लेकिन तब वे नाकाम रहे। 27 जून को उन्होंने सुनियोजित तरीके से हत्या और लूट की घटना को अंजाम दिया।
