अयोध्या: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की अपील का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। अयोध्या बार एसोसिएशन ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए राम मंदिर का चढ़ावा चोरी करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने और उनका केस न लड़ने का फैसला किया है। अरविंद केजरीवाल ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे ‘धर्म युद्ध’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

⚖️ केजरीवाल का सरकार पर तीखा प्रहार

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार बेशर्मी से चंदा चोरों के साथ खड़ी है और उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि चंदा चोरों और सरकार के बीच मिलीभगत है, इसी कारण कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हो रही है। केजरीवाल ने कहा, “यदि प्रधानमंत्री भी चंपत राय के सामने बेबस हैं, तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह भ्रष्टाचार किस स्तर तक फैला हुआ है।”

📢 “सामाजिक बहिष्कार ही एकमात्र रास्ता”

अयोध्या यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए केजरीवाल ने पूरे देशवासियों से अपील की कि वे चंदा चोरों, उनके सहयोगियों और समर्थकों का सामाजिक बहिष्कार करें। उन्होंने कहा कि “जो भगवान राम के नहीं हुए, वे किसी के नहीं हो सकते। यदि हम ऐसे पापियों को दंड नहीं देंगे, तो हम भी इस पाप के भागीदार बनेंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून अपना काम करे या न करे, समाज को स्वयं आगे आकर इस धर्म युद्ध की लड़ाई लड़नी होगी।

⚔️ “यह एक धर्म युद्ध है”

केजरीवाल ने जनता को आगाह करते हुए कहा कि जिन्होंने भगवान को लूट लिया, वे राष्ट्र को नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने पूरे देश से आह्वान किया कि इस लड़ाई के लिए सबको उठना और खड़ा होना पड़ेगा। अयोध्या बार एसोसिएशन द्वारा लिया गया यह निर्णय इस लड़ाई की शुरुआत माना जा रहा है, जहाँ अब पेशेवर स्तर पर भी इन चंदा चोरों को अलग-थलग करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

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