पूर्णिया: कहते हैं कि किसी भी निर्माण कार्य की असली परीक्षा पहली बारिश होती है। बिहार के पूर्णिया जिले के बनमनखी जंक्शन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किए गए करीब 21.5 करोड़ रुपये के पुनर्विकास की भी पहली परीक्षा हुई, लेकिन यह निर्माण एजेंसी के लिए कई सवाल छोड़ गई। उद्घाटन से पहले हुई हल्की बारिश में ही स्टेशन के नए प्लेटफॉर्म की छत से कई जगह पानी टपकने लगा। सोमवार अहले सुबह हुई बारिश के दौरान यात्रियों ने देखा कि नवनिर्मित प्लेटफॉर्म की छत से पानी फव्वारे की तरह गिरने लगा, मानों किसी ने नल खोल दिया हो। यात्रियों को भीगने से बचने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा।

🗣️ लोगों ने कसा तंज- “छत ने पहले ही दिखा दी अपनी परफॉर्मेंस”

जिस स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रियों के लिए तैयार किया गया है, उसकी छत उद्घाटन से पहले ही टपकने लगी। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने तंज कसते हुए कहा, ‘अमृत भारत स्टेशन का उद्घाटन तो अभी होना बाकी है, लेकिन छत ने पहले ही अपनी परफॉर्मेंस दिखा दी है।’ लोगों का कहना है कि अगर हल्की बारिश में ही यह स्थिति है, तो पूरे मानसून में हालात क्या होंगे। बता दें कि कोसी-सीमांचल क्षेत्र के इस महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन को लगभग 21.5 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वरूप दिया गया है।

🧐 DRM कई बार कर चुके हैं स्टेशन का निरीक्षण

इस नवनिर्मित स्टेशन का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, विशाल पार्किंग, आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, लिफ्ट, एस्केलेटर, डिजिटल सूचना प्रणाली और स्थानीय कला-संस्कृति पर आधारित आकर्षक सजावट जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। समस्तीपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ज्योति प्रकाश मिश्रा उद्घाटन से पहले इस स्टेशन का कई बार निरीक्षण कर चुके हैं।

🏗️ उद्घाटन से पहले ही खुली निर्माण कार्यों की पोल

27 जून को भी DRM ने बनमनखी जंक्शन का दौरा कर स्टेशन परिसर, सर्कुलेटिंग एरिया, निर्माणाधीन फुट ओवरब्रिज और प्लेटफॉर्म के विकास कार्यों का जायजा लिया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने उद्घाटन से पहले बची हुई कमियों को दूर करने पर भी खास जोर दिया था।

❓ निर्माण की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

पहली ही बारिश में छत से पानी टपकने की घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों का स्पष्ट कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए स्टेशन की ऐसी जर्जर स्थिति कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और उद्घाटन से पहले सभी खामियों को दूर करने की पुरजोर मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उद्घाटन से पहले रेलवे इन खामियों को दुरुस्त कर पाएगा, या फिर करोड़ों रुपये की यह परियोजना यूं ही अपनी कमजोरियां उजागर करती रहेगी?

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