कांकेर : छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले का अंतागढ़ विकासखंड स्थित किसकोड़ो गांव, जो कभी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता था, अब लोकतंत्र और विकास की नई पहचान बन रहा है। हाल ही में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के गांव दौरे और वहां लगी जनचौपाल ने यह सिद्ध कर दिया है कि बस्तर का यह अंचल (new identity of development) अब भय के साये से बाहर निकलकर विश्वास की ओर बढ़ चुका है।
new identity of development – डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने किसकोड़ो में जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान आसपास की आठ पंचायतों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, बिजली व्यवस्था में सुधार, सब-स्टेशन निर्माण और स्कूल की बाउंड्रीवाल जैसी महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
किसकोड़ो को मिलेगा ‘आदर्श ग्राम’ का दर्जा
अक्टूबर 2025 तक नक्सल गतिविधियों के लिए कुख्यात रहे इस क्षेत्र को अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। विजय शर्मा ने घोषणा की कि किसकोड़ो को एक ‘आदर्श ग्राम’ के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जैविक खेती, लघु वनोपज प्रसंस्करण और उत्पादों की ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
