बीजेपी ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के इस ऐलान के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासी हलचल तेज हो गई है और दतिया में भारी बवाल देखने को मिला। कई कार्यकर्ताओं ने दतिया बीजेपी कार्यालय के (Datia by election) बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।
Datia by election – नरोत्तम मिश्रा के समर्थक बीजेपी कार्यालय की छत पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने बस के साथ वहां पहुंचकर घेराबंदी की और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी। इसके अलावा, नरोत्तम मिश्रा के कई समर्थकों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया, जिससे जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया, जिसमें पत्थरबाजी, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज जैसी घटनाएं सामने आईं। अंततः कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया गया।
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दतिया के जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि शनिवार को तकरीबन 3000 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर करीब 12 घंटे तक जाम लगाया। पुलिस ने जब रास्ता खुलवाने की कोशिश की, तो उन पर पथराव किया गया। इस पथराव में छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। जवाब में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
कौन हैं आशुतोष तिवारी
शुक्रवार, 10 जुलाई को आशुतोष तिवारी की उम्मीदवारी के विरोध में पार्टी की जिला इकाई के अध्यक्ष और कई पार्षदों ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। बता दें कि आशुतोष तिवारी का संबंध लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से रहा है। वे संगठन में सक्रिय रहकर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। पार्टी ने इस बार एक संगठनात्मक चेहरे पर भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा है।


