लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए एक सप्ताह तक चले राज्यव्यापी अभियान ‘सीवाई-वज्र’ (CY-Vajra) के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को जानकारी दी कि इस विशेष अभियान के दौरान 773 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार (17 illegal call centers busted) किया गया है। अभियान के दौरान 865 नई प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की गईं और करीब 1,158.70 करोड़ रुपये की विशाल साइबर धोखाधड़ी का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया है।
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17 illegal call centers busted – पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि प्रदेश भर में सात जुलाई से 13 जुलाई तक यह विशेष साइबर-रोधी अभियान चलाया गया था। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे 17 अवैध कॉल सेंटरों का भी पर्दाफाश किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान का पहला चरण था, जिसका मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों, मोबाइल कनेक्शन, नकदी निकासी केंद्रों और अन्य डिजिटल बुनियादी ढांचे की पहचान कर उन्हें पूरी तरह नष्ट करना था।
3,866 ‘म्यूल बैंक खातों’ पर एक्शन, 673 संदिग्धों को नोटिस
साइबर धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 3,866 ‘म्यूल बैंक खातों’ (Mule Bank Accounts) के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 7,989 शिकायतों से सीधे तौर पर जुड़े हुए थे, जिससे संबंधित धोखाधड़ी की कुल राशि 1,158.70 करोड़ रुपये आंकी गई है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, 773 गिरफ्तारियों के अलावा 673 अन्य संदिग्धों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत कानूनी नोटिस भी जारी किए गए हैं।


