धार्मिक

रुद्राक्ष को भगवान शिव का आर्शीवाद माना जाता है. रुद्राक्ष केवल एक आभूषण नहीं है, बल्कि इसे शिव कृपा और…

अक्सर लोग धन प्राप्ति और महादेव की कृपा पाने के लिए शिवलिंग पर कई चीजें चढ़ाते हैं. इन्हीं चीजों में से एक है शिवलिंग पर गुड़ चढ़ाना. सावन के महीने में शिवलिंग पर गुड़ चढ़ाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है, 

आज सावन माह का पहला बुधवार है. सावन माह के पहले बुधवार पर भोलेनाथ के साथ भगवान श्री गणेश की भी आराधना करें. हिंदू धर्म में बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है. इसीलिए इस दिन गणेश जी आराधना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है.

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित पराशर झील जो किसी जन्नत से कम नहीं है उसका संबंध पांडव काल से है. पाराशर झील मंडी शहर से लगभग 49 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इस झील के किराने ऋषि पराशर का एक प्राचीन मंदिर भी स्थित है.

ये घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव का एक स्वयंभू ज्योतिर्लिंग है जो भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. इस ज्योतिर्लिंग के बारे में मान्यता है कि संतान की कामना कर रहे जोड़ों के लिए यह वरदान से कम नहीं है. यहां निसंतानों को भोलेनाथ संतान का आशीर्वाद देते हैं.

हमारे जीवन में कुछ चीजें बहुत ही जरूरी होती है उन्हीं में से एक है नींद, अगर इंसान की नींद पूरी ना हो तो उसका पूरा दिन अच्छा नहीं जाता यानी उसके जीवन पर नींद का गहरा प्रभाव होता है. वास्तु के अनुसार भी सोते वक्त के कुछ नियम बताए गए हैं जिसे पालन करने से हमारे जीवन में सकारात्मकता आती है.

भगवान शिव की भक्ति और पूजा को बेलपत्र के बिना अधूरा ही माना जाता है. देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने के लिए उन पर चढ़ाए जाने वाली सामग्री में बेलपत्र का सर्वश्रेष्ठ स्थान है. मान्यता है की सावन में इसे शिव पर अर्पित करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है

हिंदू धर्म में सावन को भगवान शिव का प्रिय महीना माना जाता है. इस माह में मात्र शिवलिंग पर जल चढ़ाने से शिव अत्यंत शीघ्र कृपा प्राप्त होती है यानी इस महीने में भोलेनाथ बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं. वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में रखी कुछ नकारात्मक चीजें धन हानि, गृह क्लेश और रोगों का कारण बनती हैं.

देवशयनी एकादशी, हिंदू धर्म में खासतौर पर वैष्णव संप्रदाय के लिए बहुत ही शुभ दिन है. यह अत्यंत पवित्र एकादशी आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी पर पड़ती है. इसे आषाढ़ी एकादशी, महा एकादशी, पद्मा एकादशी, सर्वपापहारी एकादशी और हरिशयनी एकादशी भी कहा जाता है.