अगर आप जीवन में पैसों की कमी से परेशान रहते हैं तो आप शुक्रवार के दिन पूजा के समय मां लक्ष्मी की व्रत कथा अवश्य पढ़ें. ऐसी मान्यता है कि इस व्रत कथा के सुनने या पढ़ने से लोगों को मन को शांति मिलती है और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. इसके साथ ही घर परिवार के लोगों पर मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है. शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी के समर्पित है और इस दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विधि-विधान से पूजा करें और व्रत कथा अवश्य पढ़ें. मां लक्ष्मी पूजा विधि शुक्रवार के दिन सुबह […]
धार्मिक
हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत बहुत ही विशेष माना जाता है. वट सावित्री व्रत हर साल ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर पड़ता है. ये व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. दरअसल, वट सावित्री व्रत रखकर सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी जीवन की कामना करती हैं. इस दिन वट मतलब बरगद के पेड़ की पूजा का विधान हिंदू धर्म शास्त्रों में है. इस दिन पूजा के समय सावित्री और सत्यवान की कथा भी सुनी जाती है. वट सावित्री व्रत दुर्लभ संयोग में साल 2025 में वट सावित्री व्रत […]
हिंदू धर्म में यशोदा जयंती बड़ी पावन और विशेष मानी गई है. यशोदा जयंती मां यशोदा के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है. मां यशोदा ने भगवान श्री कृष्ण का पालन-पोषण किया था. यशोदा जंयती के दिन व्रत के साथ ही मां यशोदा और भगवान श्री कृष्ण की पूजा का विधान है. यशोदा जयंती का व्रत महिलाओं के लिए बड़ा ही विशेष माना जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, यशोदा जंयती के दिन व्रत और पूजन करने से महिलाओं को मातृत्व का आशीर्वाद मिलता है. इस दिन व्रत और पूजन करने से संतान की उम्र लंबी होती है. यशोदा […]
इस्लाम धर्म में रमजान के महीने को बहुत ही पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है. रमजान के महीने को इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना भी कहा जाता है. रमजान के महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं, जिसमें वे सुबह से शाम तक बिना कुछ खाए-पिए रहते हैं. रोजा रखने के साथ-साथ इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग कुरान पढ़ते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं. रमजान के महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग गरीबों और जरूरतमंदों की मदद भी करते हैं. इस साल 2025 में 1 मार्च से रमजान शुरू होने जा रहे हैं. ऐसे […]
हिंदू धर्म शास्त्रों में चतुर्थी तिथि बहुत विशेष मानी गई है. हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित की गई है. हर माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के नाम से जानी जाती है. इस दिन द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. इस दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत रखती हैं. द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश का पूजन और व्रत का विधान है. […]
नागा साधु सभी सुख-सुविधाओं को छोड़ हमेशा साधना में लीन रहते हैं. यह जंगलों, पहाड़ों में तपस्या करते पाए जाते हैं. मगर जब कुंभ मेला आता है तो सभी नागा साधु और संत उस ओर निकल पड़ते हैं. वे अमृत स्नान का पुण्य प्राप्त करने की कोशिश करते हैं. इस बार प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का पहला अमृत स्नान 14 जनवरी को था. इस दिन मकर संक्रांति थी. वहीं दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या और तीसरा बसंत पंचमी पर था. तीनों शाही स्नान खत्म होते ही आगे बढ़े साधु-संतों के लिए अमृत स्नान काफी अहम होता है. ऐसी मान्यता है […]
हिंदू धर्म में स्कंद षष्ठी के व्रत का विशेष महत्व है. स्कंद षष्ठी का व्रत भगवान शिव के बड़े बेटे भगवान कार्तिकेय को समर्पित है. हर माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी का व्रत किया जाता है. जो भी स्कंद षष्ठी का व्रत करता है उसके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. ये व्रत महिलाएं संतान प्राप्ति और संतान की लंबी उम्र के लिए भी करती हैं. स्कंद षष्ठी के व्रत का पारण अगले दिन शुभ मुहूर्त में विधि विधान से किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि अगर इस व्रत का पारण शुभ मुहूर्त में […]
बसंत पंचमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है जो ज्ञान, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित है. यह पर्व हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. बसंत पंचमी के दिन वसंत ऋतु का आगमन होता है और प्रकृति नए जीवन से भर जाती है. इस दिन मां सरस्वती की पूजा करके लोग ज्ञान, बुद्धि और सृजनशीलता प्राप्त करने की कामना करते हैं. बसंत पंचमी के दिन दान करने का विशेष महत्व होता है. माना जाता है कि इस दिन दान करने से मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं और लोगों […]
प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ की घटना से दुखी परमहंस पीठाधीश्वर शिवयोगी मौनी महाराज ने भू-समाधि ले ली है. शिवयोगी मौनी महाराज ने यह भू-समाधि 3 घंटे के लिए 10 फीट गहरे गड्ढे में ली. भू समाधि से पहले मौनी बाबा ने विधिवत पूजा अर्चना की. उन्होंने रुद्राक्ष की मालाओं के मुकुट को उतारकर अलग रख दिया. मौनी बाबा ने शुक्रवार की रात को भू-समाधि ली. वह अब तक 55 से ज्यादा बार भू समाधि ले चुके हैं. ये उनकी 57वीं भू-समाधि है. मौनी बाबा का कहना था कि प्रयागराज महाकुंभ की घटना से वह बेहद व्यथित […]
आज मौनी अमावस्या है. हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या बहुत ही विशेष मानी जाती है. मौनी अमावस्या का दिन अध्यात्मिक लिहाज से बहुत महत्व रखता है. मौनी अमावस्या के दिन पूजा-पाठ और धार्मिक काम किए जाते हैं. मौनी अमावस्या पर पावन नदियों में आस्था की डुबकी लगाई जाती है. इस दिन दान किया जाता है. इस दिन किए स्नान और दान से पुण्य फल मिलता है. पितरों का तर्पण और पिंडदान मौनी अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है, जिससे उन्हें मोक्ष मिलता है. धार्मिक मान्यता है कि अगर मौनी अमावस्या पर पितरों का तर्पण और […]

