Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • Double Murder : बाउंसर जीजा ने दो सालियों को मारी गोली, दोनों की मौत; इलाके में पसरा सन्नाटा
    • बालोद के पास पटरी पर मिले युवक-युवती के शव; प्रेम प्रसंग में जान देने की चर्चा, जांच में जुटी पुलिस
    • बेंगलुरु से क्यों छिनी आईपीएल फाइनल की मेजबानी? जानें BCCI के इस बड़े फैसले के पीछे की 3 मुख्य वजहें
    • Bandar Teaser Release: ‘बंदर’ बनकर लौट रहे बॉबी देओल; जानें कब रिलीज होगा टीजर
    • 23 देशों में फैला हंतावायरस का प्रकोप; जानें क्या हैं लक्षण और भारत के लिए कितना है खतरा?
    • क्या है डार्क वेब और यह आपकी प्राइवेसी के लिए क्यों है खतरा? बचाव के 4 बड़े तरीके
    • Vat Savitri Vrat: 16 मई को है वट सावित्री पूजा; जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक कथा
    • केले में मिलाकर लगा लें यह एक चीज, कांच जैसा चमकेगा चेहरा; महंगी फेशियल की होगी छुट्टी
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Wednesday, May 6
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Home » द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन करें ये खास उपाय, पूरे होंगे अधूरे काम!

    द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन करें ये खास उपाय, पूरे होंगे अधूरे काम!

    February 10, 2025 धार्मिक 3 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

     हिंदू धर्म शास्त्रों में चतुर्थी तिथि बहुत विशेष मानी गई है. हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित की गई है. हर माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत (Dwijapriya Sankashti Chaturthi) रखा जाता है. फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी संकष्टी चतुर्थी द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के नाम से जानी जाती है. इस दिन द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. इस दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत रखती हैं.

    Dwijapriya Sankashti Chaturthi – द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश का पूजन और व्रत का विधान है. द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के पूजन और व्रत के साथ ही इस दिन चंद्रदेव की भी अराधना-उपासना की जाती है. महिलाएं द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत अपनी संतान की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए रखती हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से विघ्नों का नाश हो जाता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. साथ ही इस दिन कुछ खास उपाय करने से आर्थिक स्थिति अच्छी होती है. अधूरे काम पूरे होते हैं. साथ ही जीवन में खुशहाली आती है.

    कब है द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत ?

    हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 15 फरवरी को रात को 11 बजकर 52 मिनट हो जाएगी. वहीं इस तिथि का समापन 17 फरवरी को रात 2 बजकर 15 मिनट पर हो जाएगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, 16 फरवरी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा.

    करें ये खास उपाय
    • आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और अधूरे काम पूरे होने में अड़चनें आ रही हैं, तो द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन तीन बत्तियों वाला दिया जलाना चाहिए. साथ ही ऊं गं गौं गणपते विघ्न विनाशिने स्वाहा का 21 माला का जाप करना चाहिए. इससे धन-धान्य में बढ़ोतरी होती है और अधूरे काम भी पूरे हो जाते हैं.
    • घर में सुख-शांति वापस लाने के लिए इस दिन चांदी के गणेश जी की प्रतिमा को घर लेकर आना चाहिए. भगवान गणेश का पूजन करना चाहिए. पूजा के समय उन्हें हल्दी की पांच गांठ चढ़ानी चाहिए. इससे घर में सकारात्मकता और सुख-शांति आती है.
    • कई बार ऐसा होता है कि ग्रह दोष के कारण काम पूरे नहीं होते. ऐसे में इस दिन गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए. इससे ग्रह दोष दूर होते हैं, जिसके बाद अधूरे काम पूरे होने लगते हैं.
    • द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को लाल फूल और दूर्वा चढ़ानी चाहिए. इससे सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    Vat Savitri Vrat: 16 मई को है वट सावित्री पूजा; जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक कथा

    5 या 6 मई? जानें एकदंत संकष्टी चतुर्थी की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय

    विवेक विहार में 9 मौतों की खौफनाक वजह; AC ब्लास्ट और इलेक्ट्रॉनिक लॉक बना ‘डेथ ट्रैप’

    ज्येष्ठ माह शुरू; बड़ा मंगल से लेकर शनि जयंती तक, जानें इस महीने के प्रमुख व्रत-त्योहार और महत्व

    बुद्ध पूर्णिमा पर पढ़ें भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान और मोक्ष की कथा; घर में आएगी सुख-समृद्धि

    मंदिर और घर की पूजा: आध्यात्मिक संतुष्टि के लिए क्या है सही तरीका? जानिए दोनों का महत्व

    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.