चंडीगढ़: हरियाणा में धान की रिकॉर्ड पैदावार के बीच चावल की खरीद, भंडारण और बोनस भुगतान से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे राइस मिलर्स के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों के बाद केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने (big relief to rice millers) चावल डिलीवरी (चावल वापसी) की आधिकारिक समय-सीमा 30 सितंबर तक बढ़ा दी है। इस निर्णय से प्रदेश के मिलर्स द्वारा लगभग 5 लाख मीट्रिक टन बकाया चावल केंद्रीय पूल में जमा कराने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
big relief to rice millers – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि 30 जून 2025 तक निर्धारित समयावधि के भीतर चावल की पूर्ण डिलीवरी करने वाले सभी राइस मिलर्स को प्रोत्साहन स्वरूप बोनस का भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मिलर्स को आश्वस्त किया कि उनकी शेष सभी समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। अतिरिक्त चावल भंडारण और खरीद के तकनीकी विषय पर शीघ्र ही केंद्र सरकार के साथ उच्चस्तरीय समन्वय कर स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
धान खरीद का कोटा बढ़ाकर 59.62 लाख मीट्रिक टन:
हरियाणा सरकार ने पिछले वर्ष के अनुरूप 62 लाख मीट्रिक टन धान खरीद कोटे की मांग रखी थी, जिसके जवाब में केंद्र सरकार ने प्रारंभिक 54 लाख से कोटा बढ़ाकर 59.62 लाख मीट्रिक टन निर्धारित कर दिया है। बचे 2.38 लाख मीट्रिक टन के कोटे की स्वीकृति हेतु राज्य सरकार पुनः केंद्रीय मंत्रालय से पत्राचार और विमर्श करेगी।


