बरेली : उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की ओर से दर्ज कराए गए बहुचर्चित और संवेदनशील मामले में जेल में निरुद्ध कल्पना मिश्रा उर्फ कल्पना चतुर्वेदी को न्यायालय से नियमित जमानत मिल गई है। अपर जिला जज (ADJ-8) अशोक कुमार यादव की अदालत ने दोनों पक्षों की विस्तृत बहस और केस डायरी का गहन (Kalpana Mishra got bail) परिशीलन करने के उपरांत 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर कल्पना को रिहा करने का आदेश जारी किया।
यह पूरा प्रकरण राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में काफी सुर्खियों में रहा है, क्योंकि इसमें उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू (पप्पू गिरधारी) सीधे तौर पर वादी पक्ष के रूप में जुड़े हैं। मंत्री ने कल्पना पर नाम, पद, सरकारी रसूख और आवास के पते का दुरुपयोग करने, धोखाधड़ी तथा चोरी जैसे गंभीर आरोप लगाकर जेल भिजवाया था।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का आरोप था कि कल्पना मिश्रा ने अपने पहचान पत्रों और पासपोर्ट सहित कुछ व्यक्तिगत अभिलेखों में उनके पति गिरधारी लाल साहू का नाम तथा बरेली स्थित निजी आवास का पता दर्ज कराया था। शिकायत में कहा गया कि आरोपी महिला मंत्री के पद और प्रभाव का हवाला देकर लोगों पर अनुचित दबाव बनाती थी और कथित रूप से अवैध धन उगाही का सिंडिकेट चलाती थी।
Kalpana Mishra got bail – मंत्री पक्ष ने आरोप लगाया कि कल्पना जिस हुंडई क्रेटा कार का प्रयोग करती थी, उस पर अनधिकृत रूप से उत्तराखंड सरकार का बोर्ड, हूटर और नीली-लाल बत्ती लगी हुई थी। इसके अलावा बरेली स्थित आवास से 7 लाख रुपये की नकदी और सोने से जड़ी रुद्राक्ष की माला चुराने का भी आरोप दर्ज कराया गया था।


