जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा है कि आज हमारे बहुत खुशी का दिन है. मैं अल्लाह का शुक्र अदा करती हूं, जिसने ईरान को इजराइल के खिलाफ खड़े होने का साहस दिया. महबूबा ने साथ ही पाकिस्तान की भी तारीफ की है. पूर्व सीएम (Pakistan the messenger of peace) ने कहा कि मध्यस्थता में पाकिस्तान की भूमिका को नजरअंदाज़ नहीं कर सकते, क्योंकि उन्होंने पूरी दुनिया को बचाया है.
महबूबा मुफ़्ती ने कहा, ‘आज हमारे लिए बहुत खुशी का दिन है, जैसा कि आप जानते हैं कि ईरान में हज़ारों लोग मारे गए थे और यह आशंका जताई जा रही थी कि हम विश्व युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं. मैं अल्लाह का शुक्र अदा करती हूं, जिसने ईरान को इजराइल के खिलाफ खड़े होने का साहस दिया. हम इस युद्ध में मध्यस्थता में पाकिस्तान की भूमिका को नजरअंदाज नहीं कर सकते, क्योंकि उन्होंने पूरी दुनिया को बचाया है.
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Pakistan the messenger of peace – मैं ईरान की इस भूमिका की सराहना करती हूं कि उसने सिर्फ़ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि अमेरिका और इजराइल ने स्कूलों, अस्पतालों और हर चीज को निशाना बनाया था. हमें उम्मीद है कि यह अस्थायी संघर्ष-विराम स्थायी हो जाएगा और ईरान में भी शांति कायम होगी.’
उमर अब्दुल्ला क्या बोले?
वहीं, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने युद्धविराम के परिणामों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि लगभग 40 दिन के संघर्ष के बाद अमेरिका ने आखिर क्या हासिल किया. मुख्यमंत्री ने युद्धविराम के तहत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोले जाने की खबरों पर ‘एक्स’ पर ‘हैशटैग अनजस्टवॉर (अन्यायपूर्ण युद्ध) के साथ एक पोस्ट के जरिए प्रतिक्रिया दी.


