भोजपुर: बिहार के भोजपुर जिले का भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब राज्य की सीमाओं को पार कर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। इस कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अब देश के प्रमुख कथावाचक अनिरुद्धाचार्य और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी जांच की मांग की है। घटना के बाद से ही क्षेत्र में भारी आक्रोश है।

🎙️ संतों ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि कानून-व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन किसी की जान लेना समाधान नहीं है। उन्होंने भरत तिवारी के सामाजिक सरोकारों का जिक्र करते हुए कहा कि समस्याओं को न सुनने के कारण उपजा असंतोष घातक हो सकता है। वहीं, बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भिवंडी में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अपराधी को सजा देने का अधिकार केवल अदालत को है। उन्होंने सवाल उठाया कि “सरेंडर के बाद मौत कैसे हो सकती है?” धीरेंद्र शास्त्री ने जल्द ही बिलौटी गांव जाकर पीड़ित परिवार से मिलने और पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग का आश्वासन दिया है।

📢 आज बिलौटी में महापंचायत का बिगुल

न्याय की मांग को लेकर शाहपुर के बिलौटी गांव में आज एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया है। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में बिहार सहित मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों से भी प्रतिनिधि पहुँच रहे हैं। महापंचायत में करणी सेना, परशुराम महासभा और हिंदू महासभा जैसे कई संगठनों के साथ-साथ कानूनी विशेषज्ञ भी भाग ले रहे हैं, जो इस मामले के कानूनी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा करेंगे।

🔎 पारदर्शिता की मांग पर अडिग परिजन

भरत तिवारी के परिजन और समर्थक शुरू से ही इसे ‘फर्जी एनकाउंटर’ बता रहे हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि कार्रवाई नियमों के अनुरूप थी, लेकिन संतों के हस्तक्षेप और महापंचायत के आयोजन ने राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। अब सभी की निगाहें बिलौटी में होने वाली इस महापंचायत के निर्णयों और प्रशासन की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

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