पश्चिम चंपारण: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के कुमारबाग थाना क्षेत्र से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक पिता, रामबाबू यादव ने पारिवारिक विवाद के बाद अपनी ही पत्नी और तीन मासूम बच्चों को उफनती नहर में फेंक दिया। इस दरिंदगी में तीनों मासूमों की डूबने से मौत हो गई, जबकि उनकी मां ललिता देवी किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाने में कामयाब रही।

🚲 मायके छोड़ने के बहाने रची साजिश

घटना की शुरुआत सोमवार रात एक पारिवारिक विवाद से हुई। मंगलवार अलसुबह करीब तीन बजे आरोपी रामबाबू ने पत्नी ललिता को झांसा दिया कि वह उसे उसके मायके छोड़ने जा रहा है। ललिता अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बाइक पर बैठ गई। छवरहिया गांव के पास बरोहिया नहर पर पहुंचकर रामबाबू ने सुनियोजित तरीके से पहले पत्नी को पानी में धक्का दिया और फिर एक-एक कर अपने तीनों बच्चों को नहर के तेज बहाव में फेंक दिया।

🔍 सर्च ऑपरेशन में मिले तीनों शव

पत्नी ललिता देवी ने अपनी जान बचाकर तुरंत मायके जाकर घटना की सूचना दी। मंगलवार सुबह जब ग्रामीणों ने नहर में बच्ची का शव तैरता देखा, तो हड़कंप मच गया। इसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस द्वारा किए गए संयुक्त सर्च ऑपरेशन में बाकी दो बच्चों के शव भी बरामद कर लिए गए। तीन मासूमों की एक साथ अर्थी उठते देख पूरा गांव स्तब्ध और आक्रोशित है।

👮 आरोपी पिता ग्रामीणों की गिरफ्त में

घटना के बाद आरोपी पिता रामबाबू यादव ने भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसे घेरकर दबोच लिया। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा और आरोपी को कस्टडी में ले लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ललिता देवी के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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