नई दिल्ली: कई बार फोन पर ओटीपी (OTP) आते ही लोग पूरा मैसेज पढ़े बिना नोटिफिकेशन में दिख रहे कोड को देखकर आगे बढ़ जाते हैं। यही जल्दबाजी कई बार ऑनलाइन ठगी का बड़ा कारण बन जाती है। इसी गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ओटीपी मैसेज से जुड़े नियमों में अहम बदलाव करने की योजना बना रहा है। इस नए कदम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को ओटीपी से जुड़ी जानकारी (TRAI New OTP Rules) को आसानी से समझने योग्य बनाना है, ताकि वे असली और फर्जी संदेशों में आसानी से फर्क कर सकें।
TRAI New OTP Rules – मौजूदा समय में जैसे ही फोन पर ओटीपी आता है, उसका कोड सीधे लॉक स्क्रीन या नोटिफिकेशन बार पर दिखाई दे जाता है। ऐसे में आसपास मौजूद कोई भी व्यक्ति आसानी से कोड देख सकता है। प्रस्तावित बदलावों के तहत यह व्यवस्था की जा सकती है कि ओटीपी सीधे नोटिफिकेशन में न दिखे, बल्कि उसे देखने के लिए मैसेज ऐप को खोलना पड़े। इसके अलावा, बैंकों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और अन्य डिजिटल कंपनियों के संदेशों के लिए एक निश्चित और स्पष्ट फॉर्मेट तैयार किया जाएगा, जिसमें साफ लिखा होगा कि कोड किस काम यानी लॉगिन या पेमेंट के लिए है।
देश में लगातार बढ़ रहे ऑनलाइन ठगी के मामले
डिजिटल फ्रॉड से जुड़े आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक, साल 2021 में देश भर में ऑनलाइन धोखाधड़ी की करीब 2.62 लाख शिकायतें दर्ज की गईं थीं, जो साल 2025 तक बढ़कर 24.02 लाख से अधिक हो गईं। इसके अलावा, ठगी गई कुल रकम भी 2021 के 551 करोड़ रुपये से उछलकर 2025 में 22,495 करोड़ रुपये तक जा पहुंची है। हालांकि ये आंकड़े कुल साइबर अपराधों से जुड़े हैं, लेकिन ओटीपी फ्रॉड इसमें एक बड़ा हिस्सा है, जहां ठग बैंक अधिकारी बनकर लोगों से कोड उगलवा लेते हैं।


