मालदा : सीमा सुरक्षा बल (BSF) की मालदा सेक्टर अंतर्गत 71वीं बटालियन के सतर्क जवानों ने साहसिक बचाव अभियान चलाते हुए 10 बांग्लादेशी नागरिकों की जान बचाई। इन बचाए गए नागरिकों में तीन बच्चे, तीन महिलाएं और चार पुरुष शामिल थे। ये सभी लोग उस समय भीषण संकट में फंस गए जब उनकी (BSF Rescue Operation) नाव गंगा (पद्मा) नदी की तेज लहरों में अनियंत्रित होकर पलट गई। बचाए गए लोगों में मात्र 30 दिन का एक नवजात शिशु भी शामिल था, जिसकी हालत पानी में डूबने के कारण अत्यंत गंभीर हो गई थी।
BSF Rescue Operation – यह हादसा रविवार की शाम उस वक्त हुआ जब सीमा सुरक्षा बल के जवान सीमावर्ती इलाके में नियमित निगरानी पर थे। बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) खंडुआ के पास तैनात जवानों ने देखा कि तेज लहरों के बीच कई लोग डूबने से बचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए BSF जवानों ने बिना एक पल गंवाए स्पीड बोट की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और घटनास्थल पर पहुंचकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
बांग्लादेश के जोहारपुर के हैं निवासी
BSF जवानों द्वारा सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद पीड़ितों ने बताया कि वे सभी बांग्लादेश के जोहारपुर गांव के निवासी हैं। वे चपाई नवाबगंज से अपने गांव जोहारपुर की ओर नाव से यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान पद्मा (गंगा) नदी के तीव्र बहाव और तेज लहरों के कारण नाव अचानक पलट गई, जिससे सभी लोग पानी में बहने लगे और बहाव के साथ भारतीय सीमा क्षेत्र की ओर आ पहुंचे। निर्धारित कानूनी और कूटनीतिक औपचारिकताओं को पूर्ण करने के बाद सीमा सुरक्षा बल ने सभी 10 नागरिकों को 53 बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया।


