जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव को देर रात कोर्ट में पेशी के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। दरअसल, वह NEET पेपर लीक के खिलाफ शनिवार को आयोजित ‘बिहार बंद’ के दौरान पटना में प्रदर्शनकारियों के साथ विरोध मार्च में शामिल हुए थे। पटना के राम गुलाम चौक पर धरने के दौरान यादव के प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल होने के कुछ ही देर बाद, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। जब उन्हें पुलिस की गाड़ी में ले जाया जा रहा था, तब हिरासत में तेज प्रताप ने मीडिया से कहा, “हम छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। अगर जरूरत पड़ी, तो मैं छात्रों के अधिकारों के लिए अपनी जान देने को भी तैयार हूं।”
बिहार के पूर्व मंत्री और राजद (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भी अपना पूर्ण समर्थन जताया था।
🧱 पटना में कई जगहों पर हुई पत्थरबाजी, बिहार बंद का दिखा मिला-जुला असर
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को बिहार के कई जिलों में वामपंथी छात्र संगठनों के सदस्यों ने NEET पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में राज्यव्यापी बंद के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किए, जिस दौरान पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प हुई। पुलिस के अनुसार, राज्य भर में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। राजधानी पटना जैसे जिलों में प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं, जबकि नालंदा, नवादा, जहानाबाद और रोहतास जैसे जिलों में इसका बहुत कम असर देखने को मिला।
📣 अभिजीत दीपके से की थी बिहार आने की अपील, बोले—’आएं और सम्राट चौधरी की सरकार गिराएं’
पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके से सार्वजनिक अपील की थी कि वे तुरंत बिहार आएं और राज्य की एनडीए सरकार (सम्राट चौधरी व बीजेपी) को उखाड़ फेंकने में मदद करें। गौरतलब है कि तेज प्रताप यादव को उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने RJD से निष्कासित कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ (JJD) का गठन किया है। उन्होंने यह अपील सोशल मीडिया के माध्यम से की, जो ठीक उसी दिन आई जब सीजेपी ने NEET पेपर लीक मामले में अपना दिल्ली का अनिश्चितकालीन प्रदर्शन समाप्त किया था।


